नर्मदापुरम 

लोकतंत्र में मर्यादित भाषा का प्रयोग करें, व्यक्तिगत कटाक्ष से बचें: प्रीति शुक्ला

नर्मदापुरम। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रीति शुक्ला ने राजनीति और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक संवाद की भाषा को लेकर चिंता जताते हुए सभी राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सरकार की नीतियों का समर्थन या विरोध करना प्रत्येक राजनीतिक दल का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक बयान, सोशल मीडिया पोस्ट, टिप्पणियों और राजनीतिक मंचों से अशोभनीय या व्यक्तिगत भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक संस्कृति को कमजोर करता है।
प्रीति शुक्ला ने कहा कि वैचारिक विरोध लोकतंत्र की ताकत है, जबकि व्यक्तिगत कटाक्ष और अमर्यादित भाषा इसकी गरिमा को ठेस पहुंचाती है। राजनीतिक संवाद तथ्यों, तर्कों और जनहित के मुद्दों पर आधारित होना चाहिए, न कि आरोप-प्रत्यारोप और अभद्र भाषा पर।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज जनमत निर्माण का प्रभावशाली माध्यम बन चुका है। ऐसे में हर जनप्रतिनिधि, राजनीतिक कार्यकर्ता और जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पोस्ट साझा करते समय और टिप्पणी करते समय भाषा की मर्यादा बनाए रखे।
प्रीति शुक्ला ने कहा कि भाजपा सकारात्मक राजनीति, लोकतांत्रिक संवाद, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की पक्षधर है। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा चुनाव तक सीमित रहनी चाहिए, जबकि सामाजिक सद्भाव, पारस्परिक सम्मान और विकास के मुद्दों पर सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से लोकतंत्र को मजबूत करने, समाज को जोड़ने और स्वस्थ राजनीतिक संस्कृति को बढ़ावा देने वाली भाषा एवं व्यवहार अपनाने का आह्वान किया।