फिर बिन पुस्तक शुरु हुआ मेला, खाली हाथ लौटे अभिभावक, स्टॉल पर नजर आई धार जिले की स्कूल की यूनिफार्म-शा. हाईस्कूल में 10 से 14 अप्रैल तक होना हैं आयोजन, रुचि नहीं ले रहे पुस्तक विक्रेता

बड़वानी :-एक छत के नीचे वाजिब दाम पर निजी स्कूलों के पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग ने जिला मुख्यालय पर दूसरी बार पुस्तक मेले का आयोजन शुरु किया। हालांकि इस बार भी अभिभावक महज कॉपियां खरीदकर बिन पुस्तक खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए। मेले में निजी स्कूल के सिलेबस अनुसार पुस्तकें उपलब्ध होंगी या नहीं, इसको लेकर विभाग के अधिकारी बोलने से बच रहे हैं। बता दें कि इसके पूर्व 28 से 30 मार्च तक दशहरा मैदान के पास एकीकृत शा. मावि स्कूल परिसर में पुस्तक मेले का आयोजन हुआ था, लेकिन एनसीईआटीसी बुक और कॉपी, स्टेशनरी की दुकानों के साथ तीन दिन औपचारिक मेला चला था। वहीं अब रणजीत क्लब के सामने शा. हाईस्कूल परिसर में पांच दिन के लिए पुस्तक मेले का आयोजन 14 अप्रैल तक होगा। शुक्रवार को हाईस्कूल परिसर के बरामदे में तीन स्टॉल नजर आए। इसमें दो स्टॉल पर कॉपियां व स्टेशनरी सामग्री, स्कूल बैग रखे थे, तो एक स्टॉल पर यूनिफार्म नजर आई। हालांकि शहर की दो निजी स्कूल की यूनिफार्म के अलावा जिले के अन्य ग्रामों की निजी स्कूलों के नाम की यूनिफार्म के साथ समीप धार जिले की स्कूल के नाम की भी यूनिफार्म स्टॉल पर रखी गई थी, जो चर्चा का विषय रही। इस संबंध में
चर्चा करने पर स्टॉल संचालक ने कहा कि यहां दुकान डेमो के रुप में लगाई हैं। साथ ही आर्डर पर सभी स्कूल की यूनिफार्म बाजार से कम कीमत में उपलब्ध कराने का दावा किया।

*जिन बुक स्टोर्स पर मिलती हैं पुस्तक, उसका स्टॉल नहीं?*
पुस्तक मेले में आए शहर निवासी ने कहा कि उनका बच्चा सेंट जोसेफ स्कूल में पढ़ता है। पूर्व कक्षा की पुस्तकें शहर के एक बुक स्टोर्स से ली थी। स्कूल प्रबंधनद्वारा भी उनको पुस्तक मेले के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। निजी जानकारी के आधार पर आज वे पुस्तक मेले में आए, लेकिन यहां मात्र कॉपियां उपलब्ध हैं। स्कूल के सिलेबस अनुसार पुस्तक उपलब्ध नहीं हैं। इसी तरह कुछ महिला अभिभावक भी पुस्तक मेले में जानकारी लेने पहुंची। महिला के अनुसार उनका बच्चा राजघाट रोड स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ता है। स्कूल से फिलहाल किसी चिह्नित दुकान से पाठ्य सामग्री खरीदने को नहीं कहा हैं, लेकिन कम कीमत में पुस्तक कॉपी मिलने की जानकारी पर वे यहां देखने आए हैं। यहां सिर्फ कॉपियां हैं, पुस्तक, यूनिफार्म, शूज आदि सामग्री नहीं है। अभिभावकों ने दबी जुबान से कहा कि संबंधित स्कूलों की पुस्तक सामग्री चिह्नित दुकानों पर ही मिलती हैं, लेकिन उन दुकानों के यहां स्टॉल भी नहीं लगे हैं।

*इनका कहना है*

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सहायक संचालक जादूसिंह परमार के अनुसार आज पुस्तक मेले के पहले दिन पांच स्टॉल लगे थे। सुबह से शाम तक 50 से अधिक अभिभावक मेले में पहुंचे। आगामी दिनों में अधिक पुस्तक विक्रेताओं को जोड़ने के लिए संपर्क किया जा रहा है।