ग्वालियर जिले के ग्रामीण अंचलों में बुधवार सुबह मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि खेत खलिहान बर्फ की सफेद चादर में तब्दील हो गए। डबरा, भितरवार सहित आसपास के गांवों में तेज़ बिजली गर्जना के साथ हुई मूसलाधार बारिश और भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया।

कई गांवों में खेतों में ओले इस कदर गिरे कि नज़ारा किसी पहाड़ी इलाके या कश्मीर की बर्फबारी जैसा दिखाई देने लगा। ओलावृष्टि की मार से गेहूं, चना, सरसों सहित रबी की खड़ी फसलें पूरी तरह चौपट हो गईं। किसानों का कहना है कि कई क्षेत्रों में 100 प्रतिशत तक फसल नुकसान हुआ है और महीनों की मेहनत पल भर में तबाही में बदल गई।

प्राकृतिक आपदा से टूटे किसान अब वीडियो बनाकर खेतों में फैली तबाही दिखा रहे हैं और शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। हालांकि समाचार लिखे जाने तक राजस्व विभाग द्वारा फसल नुकसान सर्वे को लेकर कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

किसानों का कहना है कि यदि जल्द सर्वे कर मुआवज़े की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो उनके सामने रोज़ी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। मौसम की इस मार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि किसान सबसे अधिक प्रकृति की मार झेलने को मजबूर है।