जतारा रजिस्ट्री कार्यालय पर रिश्वत के आरोप, किटाखेरा सरपंच ने कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग

जतारा 

 

दित्यपाल राजपूत 

 

रजिस्ट्रार पर 16 हजार रुपये मांगने का आरोप, वीडियो होने का दावा; कार्यालय से हटाने की मांग

जतारा 

 जतारा तहसील के रजिस्ट्री कार्यालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है। ग्राम पंचायत किटाखेरा के सरपंच ने रजिस्ट्रार अधिकारी पर रजिस्ट्री के नाम पर रुपये मांगने और किसानों को परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सरपंच ने पूरे मामले की शिकायत टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय से करते हुए निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सरपंच के अनुसार ग्राम पंचायत किटाखेरा की 32 आर भूमि की रजिस्ट्री कराई जानी थी, जो मुख्य सड़क से लगभग 300 से 400 फीट अंदर स्थित है। उनका आरोप है कि रजिस्ट्री लेखक द्वारा दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत किए जाने पर रजिस्ट्रार ने कहा कि रजिस्ट्री सड़क पर स्थित भूमि के आधार पर ही होगी। सरपंच का कहना है कि उन्होंने रजिस्ट्रार से स्थल निरीक्षण करने का आग्रह भी किया, लेकिन यह कहते हुए मना कर दिया गया कि भूमि की तरमीम नहीं हुई है।

सरपंच का आरोप है कि बाद में रजिस्ट्री लेखक ने उन्हें फोन कर बताया कि रजिस्ट्रार 16 हजार रुपये की मांग कर रही हैं। इसके बाद रजिस्ट्री की राशि लगभग 1.35 लाख रुपये से घटकर 93 हजार रुपये में पूरी हो गई। सरपंच ने दावा किया कि इस संबंध में उनकी रजिस्ट्रार से हुई बातचीत का वीडियो भी उनके पास मौजूद है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जतारा क्षेत्र के कई रजिस्ट्री लेखक भी संबंधित अधिकारी के कार्य व्यवहार से परेशान हैं। उनका कहना है कि प्रतिदिन 5 से 10 रजिस्ट्रियां टीकमगढ़ भेजी जाती हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरपंच का आरोप है कि लोगों को कथित रूप से दबाव में लेकर अतिरिक्त राशि वसूली जाती है।

सरपंच ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, आरोपों की सत्यता सामने लाई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित रजिस्ट्रार अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें जतारा से हटाया जाए