बड़वानी: गीता ज्ञान के माध्यम से समभाव का संदेश

"मेरे और तेरे का भाव ही विनाश का कारण है, जो समभाव से जीता है उसका नाश नहीं होता," ये प्रेरणादायक विचार गीता ज्ञान वक्ता उपेंद्र गोले ने शहर के सिद्धेश्वर मंदिर में व्यक्त किए। यह अवसर नर्मदा परिक्रमा के दौरान गीता प्रचार मंच के साधकों द्वारा आयोजित एक विशेष सत्संग का था।

जानकारी के अनुसार, गीता प्रचार मंच की 14 साधकों की टोली ने नर्मदा परिक्रमा और गीता प्रचार का संकल्प लिया है। इस यात्रा के तहत विभिन्न स्थानों पर गीता ज्ञान सत्संग का आयोजन किया जाएगा। गुरुवार को इस अभियान का पहला विश्राम बड़वानी के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर में किया गया।

रात्रि विश्राम के पूर्व, उपेंद्र गोले ने गीता के पहले अध्याय का व्याख्यान किया, जिसमें परिक्रमा वासी और नगर के श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस विशेष अवसर पर समिति संचालक विकास वर्मा, अमित कुशवाह, प्रवीण सोनी, धीरज राठौड़, भूपेंद्र राठौड़, जगदीश गुजराती, महेंद्र सेन, राहुल गोले आदि सम्मानित सदस्य उपस्थित थे।

इस आयोजन का उद्देश्य न केवल गीता के ज्ञान का प्रचार करना है, बल्कि समाज में समभाव और एकता का संदेश भी प्रसारित करना है। यह यात्रा नर्मदा परिक्रमा के माध्यम से मानवीय मूल्यों की स्थापना और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने का एक प्रयास है।

आयोजन के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने गीता के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।