ओंकारेश्वर
विकासखंड पुनासा के ओंकारेश्वर के समीप स्थित ग्राम सैलानी सिद्धवरकूट के शिव मंदिर प्रांगण में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत करते हुए परामर्शदाता सचिन मंसारे ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी जैसी घटनाएँ अचानक घटित होकर जन-धन की भारी हानि का कारण बनती हैं। ऐसी परिस्थितियों से बचाव के लिए पूर्व तैयारी, सतर्कता एवं जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
नगर विकास प्रस्फुटन समिति ओंकारेश्वर के अध्यक्ष कुंवरसिंह भास्कले ने आपदाओं को प्राकृतिक एवं मानवजनित श्रेणियों में विभाजित करते हुए आपदा पूर्व तैयारी, जनजागरूकता तथा जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम में सरपंच शेरू सिंह कीर ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा ग्रामीणों को आपदा के समय संयम और सतर्कता बनाए रखने की सलाह दी।
इस अवसर पर परामर्शदाता हरीश सातले ने किसानों से अपील की कि वे खेतों में नरवाई गेहूं की (पराली) अवशेष को न जलाएं, क्योंकि इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है तथा मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के विद्यार्थी पिंटू बारेला, सुभाष सेन, रेशमा, जयश्री कदम, नरेंद्र यादव, समर्थ पवार, शौर्य, राजवीर भास्कर, करण, सुमित गौड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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