40 डिग्री तापमान में 3 महीने से बिजली गुल: कैसे पोषित होंगे नौनिहाल?
सीहोर (बसीम उददीन)
सीहोर के वार्ड क्रमांक 22 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति बेहद चिंताजनक है। जहां सरकार बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, वहीं इस केंद्र में मासूम बच्चे भीषण गर्मी में बिना बिजली, पंखे, पीने के पानी और शौचालय के बैठने को मजबूर हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि आंगनबाड़ी का फर्श वर्षों से जर्जर है, जिससे सांप और जहरीले कीड़े निकलते हैं, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। स्थानीय अभिभावकों का आरोप है कि इन अव्यवस्थाओं के चलते बच्चे यहां आकर बीमार पड़ रहे हैं और शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ है।
केंद्र में हर सप्ताह बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी होता है, लेकिन बिजली नहीं होने से भीषण गर्मी में महिलाएं और बच्चे परेशान होते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ भी सुविधाओं के अभाव में काम करने को मजबूर हैं।
महिला बाल विकास के जिला परियोजना अधिकारी ज्ञानेश खरे ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है और आंगनबाड़ी केंद्र को दूसरे भवन में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब सवाल यह उठता है कि जब जमीनी स्तर पर बच्चे मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों तक इसकी जानकारी क्यों नहीं पहुंची? नौनिहालों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले ने विभागीय व्यवस्थाओं और निगरानी तंत्र की पोल खोल दी है।

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