सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में प्रशासनिक कामकाज में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को आयोजित समय-सीमा (TL) प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने विभागीय कामकाज की बारीकी से समीक्षा की। इस दौरान फार्मर रजिस्ट्री में अपेक्षित प्रगति न लाने, सीएम हेल्पलाइन में फिसड्डी रहने वाले विभागों और निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर ने कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
फार्मर रजिस्ट्री: अभियान मोड में काम करने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने जिले में 'फार्मर रजिस्ट्री' के कार्यों की समीक्षा की। आंकड़ों पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह में मात्र एक प्रतिशत की ही प्रगति दर्ज की गई है, जो बेहद निराशाजनक है। विशेष रूप से रघुराजनगर तहसील में स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहाँ अभी तक मात्र 13 प्रतिशत कार्य ही पूर्ण हो पाया है। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब इस कार्य को सामान्य प्रक्रिया न मानकर 'अभियान मोड' में संचालित किया जाए। उन्होंने समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
सीएम हेल्पलाइन: स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के अधिकारी नपे
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में 'डी' श्रेणी में रहने वाले विभागों के खिलाफ कलेक्टर ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के विकासखंडों में कमजोर प्रगति को देखते हुए संबंधित ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO), ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) और ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइज़र (BCM) को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
इसी क्रम में, राजस्व विभाग की चार तहसीलों—बिरसिंहपुर, नागौद, सतना और रामपुर बघेलान—को 'डी' श्रेणी में रहने के कारण संबंधित तहसीलदारों को भी कारण बताओ नोटिस थमाया गया है। कलेक्टर ने कहा कि ग्रेडिंग सुधारने के लिए अब कुछ ही दिन शेष हैं, इसलिए सभी विभाग संतुष्टिपूर्ण निराकरण और 50 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर तत्काल फोकस करें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग पर अर्थदंड
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के कामकाज को लेकर कलेक्टर ने कड़े तेवर दिखाए। 'सी' श्रेणी में रहने और शिकायतों का अंबार लगा रहने के कारण, कलेक्टर ने विभाग के कार्यपालन यंत्री (EE) और सहायक यंत्री (AE) का एक सप्ताह का वेतन काटने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई विभाग की कार्यशैली में सुधार लाने और जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है।
निर्माण कार्यों में देरी पर एनएचआई को फटकार
जिले में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों, विशेषकर एनएचआई (NHAI) और पीडब्ल्यूडी के कार्यों की समीक्षा के दौरान भारी कोताही देखने को मिली। सतना-मैहर रोड के शेष निर्माण और चित्रकूट-सतना रोड की रिपेयरिंग का काम अत्यंत धीमी गति से चलने पर कलेक्टर ने असंतोष जताया। इसके अलावा, रोड साइनेज (संकेतक) न लगाने के लिए उन्होंने एनएचआई के अधिकारियों के विरुद्ध वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखने के निर्देश दिए।
जसो बायपास और नागौद बायपास में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री और एसडीएम नागौद को संयुक्त रूप से मौके पर जाकर निराकरण करने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि परियोजना का निर्माण कार्य किसी भी परिस्थिति में रुकना नहीं चाहिए।
मत्स्य विभाग के अधिकारी पर नाराजगी
मत्स्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित अधिकारी द्वारा न तो कोई जानकारी प्रस्तुत की गई और न ही सहायक संचालक मत्स्य बैठक में उपस्थित हुए। इस गंभीर लापरवाही पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रमुख सचिव, मत्स्य विभाग को उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई हेतु पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं।
भविष्य की कार्ययोजना और निर्देश
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कृषि उत्पादन आयुक्त की बैठक: 25 जून को होने वाली एपीसी की बैठक के लिए 18 जून को विस्तृत बिंदुवार समीक्षा की जाएगी। इसमें क्लस्टर स्तर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को विशेष रूप से बुलाया जाएगा।
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जनकल्याण शिविर: कलेक्टर ने सभी जनपद और नगर परिषदों को जनकल्याण शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। शिविरों में संबंधित विभाग के प्रमुखों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
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विश्व योग दिवस: 21 जून को आयोजित होने वाले योग दिवस कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए शिक्षा और आयुष विभाग को व्यापक तैयारी करने को कहा गया है।
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रेलवे व अन्य निर्माण: बैठक में सतना-पन्ना रेलखंड, रीवा-सतना दोहरीकरण, एयरपोर्ट, आईएसबीटी और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।
कलेक्टर ने बैंक से जुड़ी स्वरोजगार योजनाओं और राजस्व प्रकरणों (नामांतरण, सीमांकन) में भी गति लाने पर जोर दिया। बैठक में आयुक्त नगर निगम शेर सिंह मीना, सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह सहित जिला प्रशासन के सभी प्रमुख अधिकारी और नगर परिषदों के सीएमओ उपस्थित थे।
image source : https://satna.mpinfo.org
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