रीवा आईजी के चर्चित प्रहार अभियान पर सवाल उठाते हुए, त्यौंथर तहसील के चिल्ला इलाके में नशे का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। सोहागी थाना के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 13 चिल्ला में शराब और गांजे की खुलेआम बिक्री हो रही है, जिससे यह इलाका नशे की मंडी के रूप में उभर रहा है।

दिन ढलते ही यहां पर नशे के सौदे शुरू हो जाते हैं और नशेड़ी बेखौफ आवाजाही करते नजर आते हैं। हैरानी की बात यह है कि सोहागी, त्यौंथर चौकी की पुलिस को सब कुछ पता होने के बावजूद कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है।

नशे के कारण बढ़ रही है असुरक्षा

नशे के कारण इलाके में अपराध, झगड़े और असुरक्षा का माहौल बढ़ता जा रहा है। युवा पीढ़ी इस जहर की गिरफ्त में फंसती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, नशे के इस कारोबार में त्यौंथर चौकी में पदस्थ एक आरक्षक की भूमिका संदिग्ध है।

  • हाल ही में जवा पुलिस ने बिना स्थानीय पुलिस को सूचित किए कार्रवाई की।
  • स्थानीय पुलिस केवल फोटो खिंचवाने के लिए पहुंची थी।

इस स्थिति में सवाल उठता है कि जब वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अभियान चल रहा है, तो जिला मुख्यालय से दूर तराई अंचल के जमीनी स्तर पर उसका असर क्यों नहीं दिख रहा?

खतरे की घंटी

यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रहार अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा। नशे के इस किले को ध्वस्त करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।