त्यौंथर क्षेत्र के सोहागी पहाड़ पर स्थित आरटीओ चेक पॉइंट पर उस समय हड़कंप मच गया जब कमांडो अरुण गौतम अपनी टीम के साथ औचक निरीक्षण पर पहुंचे। ट्रक ड्राइवरों और राहगीरों से लगातार हो रही अवैध वसूली की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए, कमांडो ने चेक पॉइंट पर तैनात कर्मियों और वहां मौजूद संदिग्ध प्राइवेट गुंडों की जमकर खबर ली।
अवैध वसूली और बद्तमीजी का खेल मौके पर स्थिति गंभीर हो गई जब यह स्पष्ट हुआ कि सरकारी अमले की आड़ में कुछ बाहरी और असामाजिक तत्व सक्रिय थे। ये लोग न केवल ट्रक ड्राइवरों से अवैध वसूली कर रहे थे, बल्कि विरोध करने पर राहगीरों के साथ बद्तमीजी भी कर रहे थे। कमांडो अरुण गौतम के पहुंचते ही इन वसूली एजेंटों में अफरा-तफरी मच गई और कई भागने लगे।
इंसान या 'शक्तिमान'? क्षेत्र में चर्चा है कि अरुण गौतम महज एक इंसान हैं या त्यौंथर के 'शक्तिमान'? स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके काम करने की गति और सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचने की फुर्ती डायल 112 से भी तेज है। वह अन्याय के खिलाफ एक रक्षक की तरह खड़े नजर आते हैं।
भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कमांडो अरुण गौतम ने आरटीओ चेक पॉइंट पर चल रहे भ्रष्टाचार को बेनकाब करते हुए आरोप लगाया कि यहां प्रतिदिन 15 से 20 लाख रुपए की अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि जब तक वे हैं, अत्याचार का यह खेल रीवा की धरती पर नहीं चलने दिया जाएगा।
निष्कर्ष: कमांडो अरुण गौतम की इस कार्रवाई ने न केवल अवैध वसूली को उजागर किया बल्कि क्षेत्र में न्याय की उम्मीद भी जगा दी है। उनकी बहादुरी और तत्परता स्थानीय जनता के लिए एक मिसाल बन गई है।

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