*मनगवां के हनुमंता में नौ दिवसीय श्रीमद वाल्मीकि रामायण कथा का आयोजन* -------
रीवा जिले के मनगवां के हनुमंता में चल रही नौ दिवसीय दिव्य कथा के तृतीय दिवस पर शुक्रवार को रामजन्मोत्सव के बाद बाल लीला बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। कथा स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भगवान श्रीराम के जन्म के बाद बाल लीला का मंगल प्रसंग अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कथा वाचक जगद्गुरु स्वामी श्री राघवाचार्य जी महाराज ने श्रीराम जन्म के दिव्य प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जन्म केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि मानवता को आदर्श जीवन का संदेश देने वाला दिव्य प्रसंग है।
महाराज श्री ने रामजन्म के समय अयोध्या में छाए उत्सव, देवताओं के आनंद और राजा दशरथ के घर जन्मे चारों भाइयों की महिमा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान “जय श्रीराम” के जयघोष और भजनों से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव पर फूल वर्षा कर उत्सव मनाया। साथ ही बाल लीला बड़े ही का भव्य धार्मिक आयोजन का संचालन जेएनसीटी वनस्थली एवं कृष्णा ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एस. एस. तिवारी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
कथा के तृतीय दिवस पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के श्रद्धालु उपस्थित रहे और रामजन्मोत्सव का आध्यात्मिक आनंद लिया। आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे कथा के आगामी दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें। कार्यक्रम की इस अवसर पर पावन धाम चित्रकूट से पधारे परम पूज्य संकादिक महाराज , अखंडानंद जी महाराज प्रणामी महाराज , आचार्य कंठदत्त शुक्ला ,आनंद शास्त्री ,शत्रुघ्न सिंह सलैया, मनगवां अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एड.बालेंद्र तिवारी, पंकज मिश्रा,पंकज मिश्रा, हर्ष नारायण गौतम, हर्ष लाल द्विवेदी राजेश मिश्रा पूर्व मंडी सचिव अभयराज सिंह, राजकुमार सिंह, तिवारी, डॉ शिवकुमार शुक्ला, शिवबहोर मिश्रा, प्रदीप शर्मा, चंदन प्यासी, बब्बू शुक्ला, गोविंद पटेल, महेंद्र तिवारी ,मनोज तिवारी ,सत्येंद्र शुक्ला सजग, राघवेंद्र सिंह, अनिल पाण्डेय,विशंभर नाथ पिढ़िया, रामबन तिवारी, अमरनाथ तिवारी, बंशीधर द्विवेदी, राजेश गौतम सहित भारी संख्या में श्रोतागण कथा का श्रवण किया।

Continue With Google
Comments (0)