अतिप्राचीन बूढ़े बालाजी मंदिर में स्वामी निवासाचार्य जी महाराज ने रामकथा में किया रामायण का विशद वर्णन
मुंगावली: संकट मोचन समिति द्वारा नगर के अतिप्राचीन बूढ़े बालाजी मंदिर में आयोजित श्री श्री 1008 श्रीराम यज्ञ के अंतर्गत रामकथा का आयोजन किया गया, जिसमें अयोध्या धाम से पधारे प्रख्यात कथावाचक स्वामी निवासाचार्य जी महाराज ने व्यास पीठ से भगवान राम के नाम का महत्व बताया।
स्वामी निवासाचार्य जी ने कहा कि राम का नाम लेने मात्र से मनुष्य को मुक्ति प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि मरते समय धोखे से भी राम का नाम लेने पर मुक्ति मिल जाती है, तो जो व्यक्ति भगवान राम का नाम स्नेह से लेता है, उसे निश्चित रूप से मुक्ति मिलती है। स्वामी जी ने लोगों को अंधविश्वास से दूर रहने और हमारे धर्म ग्रंथों के ज्ञान की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इसके अलावा, स्वामी निवासाचार्य जी ने भगवान राम के परम भक्त महाबली हनुमानजी की भक्ति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति महाबली वीर हनुमान को अपना भक्त बना लेता है, उससे बड़ा वीर कोई नहीं हो सकता।
मंदिर प्रांगण में सुबह से पंच कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है और शाम चार बजे से रामकथा का आयोजन जारी है।
इस धार्मिक आयोजन ने भक्तों को भगवान राम और हनुमानजी की भक्ति की महिमा से अवगत कराया, जिससे श्रद्धालुओं में नया उत्साह और आस्था का संचार हुआ।

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