श्रीमद भागवत कथा और अतिरुद्र महायज्ञ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
हटा, नगर: श्री गौरीशंकर मंदिर परिसर में आयोजित अतिरुद्र महायज्ञ और पार्थिव शिवलिंग निर्माण के भव्य आयोजन में श्रद्धालुओं का भारी उत्साह देखा गया। इस धार्मिक कार्यक्रम के प्रथम दिन प्रसिद्ध कथा व्यास पं. डॉ. श्री अनिल शास्त्री घनश्याम बाग ने भक्तों को श्रीमद भागवत कथा का महत्व समझाया।
कथा व्यास ने कहा, "मंदिर के प्रसाद का स्वाद और माता-पिता की सेवा का फल सोच कर नहीं किया जाता। आनंद और संतोष का कोई मोल नहीं।" उन्होंने यह भी बताया कि जीवन में गुरु, मित्र और सेवक का सही होना आवश्यक है, क्योंकि ये तीनों ही जीवन को सद्मार्ग पर ले जाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान अनगिनत श्रद्धालुओं ने श्रीमद भागवत कथा का श्रवण किया। मुख्य यजमान दिलीप पुष्पा शर्मा, ममता असाटी सहित कई प्रमुख व्यक्तियों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया।
रुद्र अभिषेक और हवन
प्रातःकालीन सत्र के दौरान पार्थिव शिवलिंग निर्माण और विधिवत रुद्र अभिषेक किया गया। इसके उपरांत सुनार नदी के घुराघाट पर मंगल आरती के साथ शिवलिंग विसर्जन किया गया।
पंडित डॉ. मथुरा प्रसाद शुक्ल वाराणसी के निर्देशन में 75 यजमानों ने वैदिक मंत्रों के साथ हवनात्मक आहुतियां दीं, जिससे मंदिर परिसर में एक दिव्य वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम में हटा विधायक उमा देवी खटीक और आयोजन समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कुं. पुष्पेंद्र सिंह हजारी ने किया।
श्रीमद भागवत कथा और अतिरुद्र महायज्ञ के इस पवित्र आयोजन ने न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता से जोड़ा बल्कि उन्हें जीवन के मौलिक सिद्धांतों पर भी चिंतन करने के लिए प्रेरित किया।

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