मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में पिछले ढाई साल में 23,500 से ज्यादा युवाओं को ₹1,630 करोड़ से ज्यादा का लोन मिला है। यह आंकड़ा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 जून 2026 को भोपाल में दिया। 3 और 4 अक्टूबर के 'सरकार आपके द्वार' शिविरों में भी यह योजना शामिल थी।
योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विभाग चलाता है। खुद का उद्योग, सेवा यूनिट या दुकान शुरू करने वाले युवाओं को बैंक लोन पर हर साल 3% ब्याज सरकार देती है, वो भी 7 साल तक। लोन के बदले कुछ गिरवी नहीं रखना पड़ता।
आज जानेंगे कि-
- उद्यम क्रांति योजना में कितना लोन और कितनी छूट मिलती है?
- कौन आवेदन कर सकता है और कौन नहीं?
- आवेदन कैसे करें और बैंक मना करे तो क्या करें?
सवाल- योजना क्या है, कितनी मदद मिलती है?
जवाब- यह स्वरोजगार की योजना है, जो 10 जनवरी 2022 को शुरू हुई। इसमें सरकार खुद लोन नहीं देती, बैंक देता है। सरकार बैंक लोन (टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल) के बकाया पर 3% सालाना ब्याज अनुदान देती है। साथ ही CGTMSE की गारंटी फीस भी प्रचलित दर पर लौटाती है। दोनों मदद अधिकतम 7 साल तक मिलती हैं, मोरेटोरियम अवधि मिलाकर।
विनिर्माण यूनिट के लिए ₹50 हजार से ₹50 लाख और सेवा या खुदरा व्यापार के लिए ₹50 हजार से ₹25 लाख तक की परियोजना मान्य है। इससे बड़ा लोन भी लिया जा सकता है, पर अनुदान सिर्फ ₹50 लाख या ₹25 लाख तक के हिस्से पर अनुपात में मिलेगा। ऐसे में पूरा लोन कोलेटरल फ्री होना जरूरी है।
ग्राफिक से समझिए…
सवाल- कौन आवेदन कर सकता है?
जवाब- 2 अगस्त 2022 के संशोधन के बाद नियम ये हैं…
- निवास, आवेदक मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी हो और यूनिट MP में ही लगे।
- उम्र, आवेदन की तारीख पर 18 से 45 साल। शुरुआत में यह सीमा 40 साल थी।
- पढ़ाई, कम से कम 8वीं पास। पहले 12वीं की शर्त थी।
- आय, परिवार की सालाना आय ₹12 लाख से ज्यादा न हो।
- भागीदारी फर्म भी पात्र है, बशर्ते हर भागीदार ये शर्तें पूरी करे।
सवाल- कौन आवेदन नहीं कर सकता?
जवाब- बैंक, MFI, NBFC, स्मॉल फाइनेंस बैंक या PACS का डिफाल्टर आवेदन नहीं कर सकता। जो अभी राज्य या केंद्र की किसी दूसरी स्वरोजगार योजना का हितग्राही है, वह भी बाहर है। योजना का फायदा जिंदगी में एक ही बार मिलता है। पशुपालन, मुर्गीपालन, मछलीपालन जैसे खेती से जुड़े काम योजना में नहीं आते। नीचे ग्राफिक में देखिए…
पात्रता चेकर, 1 मिनट में जांचें
जो शर्त आप पूरी करते हैं, उस पर टिक करें। सभी 7 पर टिक हुआ तो आप योजना के लिए पात्र दिखेंगे।
लोन पर कितना ब्याज अनुदान बनेगा (अनुमान)
| लोन राशि | पहले साल अधिकतम | 7 साल में कुल (अनुमान) |
|---|---|---|
| ₹2 लाख | ₹6,000 | ₹21,000 |
| ₹5 लाख | ₹15,000 | ₹52,500 |
| ₹10 लाख | ₹30,000 | ₹1,05,000 |
| ₹25 लाख | ₹75,000 | ₹2,62,500 |
| ₹40 लाख, विनिर्माण | ₹1,20,000 | ₹4,20,000 |
| ₹50 लाख, विनिर्माण | ₹1,50,000 | ₹5,25,000 |
| ₹25 लाख से ज्यादा, सेवा या दुकान | ₹75,000 | ₹2,62,500 |
गणना 3% सालाना अनुदान पर है, यह मानकर कि लोन 7 साल का है और मूलधन हर साल बराबर चुकता होगा। अनुदान बकाया लोन पर बनता है, इसलिए असल रकम किस्तों पर निर्भर करेगी। CGTMSE गारंटी फीस की भरपाई इसके अलावा मिलेगी। अंतिम पात्रता जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र और बैंक तय करेंगे।
सवाल- उदाहरण से समझिए, ₹10 लाख के लोन पर कितना फायदा?
जवाब- मान लीजिए किसी युवा ने सेवा यूनिट के लिए ₹10 लाख का लोन लिया और बैंक 10% ब्याज ले रहा है (यह दर सिर्फ उदाहरण के लिए है, असल दर बैंक तय करता है)।
- पहले साल बकाया ₹10 लाख रहा तो बैंक ब्याज करीब ₹1 लाख बनेगा।
- इसमें 3% यानी ₹30,000 सरकार देगी। युवा की जेब से करीब ₹70,000 जाएंगे, यानी असर 7% ब्याज जैसा।
- किस्तें चुकाने से बकाया घटेगा तो अनुदान भी उसी हिसाब से घटेगा, क्योंकि 3% बकाया लोन पर मिलता है।
- अगर सेवा यूनिट ने ₹40 लाख का लोन लिया, तो अनुदान सिर्फ ₹25 लाख पर बनेगा। पहले साल यह अधिकतम ₹75,000 होगा।

सवाल- कौन से दस्तावेज लगेंगे?
जवाब- मार्गदर्शिका और बैंकों के लिए जारी SOP में इनका जिक्र है…
- MP का स्थानीय निवासी होने का प्रमाण
- उम्र का प्रमाण
- 8वीं या उससे ऊपर की मार्कशीट
- परिवार की आय की जानकारी, आयकरदाता हों तो पिछले 3 साल के ITR
- ₹10 लाख से कम की परियोजना पर सामान्य प्रोजेक्ट रिपोर्ट, ₹10 लाख या ज्यादा पर विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR)
- PAN और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
- वाहन खरीदना है तो उसका RTO पंजीयन व्यावसायिक श्रेणी में होना जरूरी, वरना अनुदान नहीं मिलेगा
सवाल- आवेदन कैसे करें?
जवाब- आवेदन समस्त पोर्टल samast.mponline.gov.in पर ऑनलाइन होता है। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (DTIC) पात्रता जांचकर आवेदन बैंक शाखा को भेजता है। आवेदन सिर्फ उसी वित्तीय वर्ष के लिए मान्य रहता है, अगले साल नया आवेदन करना होगा।
सवाल- मंजूरी कितने दिन में, पैसा कैसे आता है?
जवाब- बैंक को अधिकतम 6 हफ्ते में फैसला लेना है और मंजूरी के 1 महीने के भीतर लोन बांटना शुरू करना है। दिसंबर 2022 के संशोधन के बाद ब्याज अनुदान हर तिमाही मिलता है। DTIC को 7 कामकाजी दिनों में दावा मंजूर या वापस करना है। पैसा DBT से सीधे लोन खाते में जाता है। खाता जितने समय NPA रहेगा, उतने समय का अनुदान नहीं मिलेगा।
सवाल- क्या केंद्र की योजना के साथ ले सकते हैं?
जवाब- दूसरी स्वरोजगार योजना का मौजूदा हितग्राही इसमें पात्र नहीं है। लेकिन मार्गदर्शिका के मुताबिक बैंक इस योजना के लोन को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में कन्वर्ज कर सकते हैं। 7 अगस्त 2023 के आदेश से मुद्रा की पुरानी यूनिट, जिनका नवीनीकरण 1 सितंबर 2022 के बाद हो रहा है, उन्हें नई यूनिट वाली शर्त से छूट मिली है। बैंक सीधे मंजूर मुद्रा लोन को भी पात्र होने पर पोर्टल पर दर्ज कर अनुदान दिला सकते हैं।
सवाल- किन बैंकों से लोन ले सकते हैं?
जवाब- पब्लिक सेक्टर, प्राइवेट सेक्टर या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, जो CGTMSE में मेंबर लेंडिंग इंस्टीट्यूशन (MLI) के तौर पर पंजीकृत हों। परियोजना भी ऐसी होनी चाहिए जो CGTMSE की गारंटी के लिए पात्र हो।
सवाल- परियोजना लागत में क्या जुड़ता है, क्या नहीं?
जवाब- पूंजीगत लागत और कार्यशील पूंजी का जोड़ परियोजना लागत है। प्लांट, मशीनरी और उपकरण की कीमत पूंजीगत लागत मानी जाती है। जमीन की कीमत इसमें शामिल नहीं होगी। भवन पर निवेश मशीन या उपकरण की लागत के 100% से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
सवाल- क्या बैंक मार्जिन मनी मांग सकता है?
जवाब- हां। मार्गदर्शिका के मुताबिक परियोजना मंजूर होने पर बैंक नियम के अनुसार हितग्राही से अंशदान यानी मार्जिन मनी जमा करा सकता है। कितना प्रतिशत, यह दिशानिर्देश में तय नहीं है, बैंक के नियम लागू होंगे।
सवाल- लोन जल्दी चुका दिया या खाता NPA हो गया तो अनुदान का क्या होगा?
जवाब- अगर आखिरी किस्त का अनुदान मिलने से पहले लोन खाता बंद हो गया, तो बचा अनुदान पोर्टल पर दर्ज आपके बचत या चालू खाते में भेजा जा सकता है। खाता NPA हुआ तो उस अवधि का अनुदान नहीं मिलेगा। NPA होने से पहले का बकाया अनुदान बैंक के ऑफिस अकाउंट में जाएगा, ताकि बैंक उसे आपके लोन में समायोजित कर सके।
सवाल- क्या SC, ST, OBC या महिलाओं को अलग छूट है?
जवाब- नहीं। 29 नवंबर 2021 के आदेश में साफ लिखा है कि इस योजना के प्रावधान सभी वर्गों के आवेदकों के लिए समान रहेंगे। इन वर्गों के लिए विभागों की अलग स्वरोजगार योजनाएं हैं, जिन पर इस सीरीज में आगे खबर आएगी।
स्टार्टअप्स को 5% ब्याज अनुदान 5 साल तक
स्टार्टअप नीति 2025 के साथ फरवरी 2025 में जारी आदेश से इस योजना में स्टार्टअप्स के लिए अलग प्रावधान जोड़ा गया। स्टार्टअप्स को बैंक से कोलेटरल फ्री लोन, भारत सरकार की स्टार्टअप ऋण गारंटी स्कीम में कवरेज, गारंटी फीस की भरपाई अधिकतम 5 साल और लोन पर 5% सालाना ब्याज अनुदान अधिकतम 5 साल तक मिलेगा।
सवाल- आवेदन अटक जाए या बैंक मना करे तो क्या करें?
जवाब- एक बैंक आवेदन रिजेक्ट करे तो आप किसी दूसरे बैंक में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन अधूरा होने पर कारण पोर्टल पर बताया जाता है, कमी दूर कर दोबारा भेज सकते हैं। इसके लिए…
- अपने जिले के जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक से मिलें, वही इस योजना के पदाभिहित अधिकारी हैं।
- समस्त पोर्टल पर 'आवेदन की स्थिति देखें' से स्टेटस जांचें।
- पोर्टल की तकनीकी दिक्कत के लिए हेल्पडेस्क 0755-6720200 (सुबह 8.30 से रात 8.30)।
- शिकायत सीएम हेल्पलाइन 181 पर दर्ज करा सकते हैं।
कुछ कॉमन सवाल जवाब
- क्या पुराने कारोबार के लिए मिलेगा? नहीं, सिर्फ नई यूनिट के लिए। मुद्रा की कुछ पुरानी यूनिट को छूट है।
- क्या कारोबार के लिए वाहन खरीद सकते हैं? मार्गदर्शिका में वाहन का जिक्र है, पर उसका पंजीयन व्यावसायिक श्रेणी में होना जरूरी है।
- क्या जमीन की कीमत परियोजना लागत में जुड़ेगी? नहीं, मार्गदर्शिका में जमीन की कीमत शामिल नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उद्यम क्रांति योजना में कितना लोन मिलता है?
विनिर्माण यूनिट के लिए ₹50 हजार से ₹50 लाख और सेवा या खुदरा व्यापार के लिए ₹50 हजार से ₹25 लाख तक की परियोजना पर अनुदान मिलता है। इससे बड़ा लोन भी हो सकता है, पर अनुदान इसी सीमा तक अनुपात में मिलेगा।
उद्यम क्रांति योजना में ब्याज कितना कम होता है?
बकाया लोन पर 3% सालाना ब्याज सरकार देती है, अधिकतम 7 साल तक। स्टार्टअप्स के लिए 5% सालाना, अधिकतम 5 साल तक।
उद्यम क्रांति योजना की आयु सीमा क्या है?
आवेदन की तारीख पर उम्र 18 से 45 साल होनी चाहिए और कम से कम 8वीं पास होना जरूरी है।
उद्यम क्रांति योजना में आवेदन कहां करें?
samast.mponline.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन। मदद के लिए जिले के जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र में संपर्क करें।
उद्यम क्रांति योजना में क्या गिरवी रखना पड़ता है?
नहीं। लोन CGTMSE की गारंटी में आता है और मार्गदर्शिका के मुताबिक बैंक कोलेटरल सिक्योरिटी नहीं मांगेगा।
उद्यम क्रांति योजना के लिए 12वीं पास होना जरूरी है?
नहीं। 2 अगस्त 2022 के संशोधन के बाद न्यूनतम योग्यता 8वीं पास है।
उद्यम क्रांति योजना का स्टेटस कैसे देखें?
samast.mponline.gov.in पर 'आवेदन की स्थिति देखें' विकल्प से। दिक्कत हो तो तकनीकी हेल्पडेस्क 0755-6720200 पर फोन करें।
क्या दुकान या रिटेल कारोबार के लिए लोन मिलता है?
हां। खुदरा व्यापार के लिए ₹50 हजार से ₹25 लाख तक की परियोजना पर अनुदान मिलता है।
स्टार्टअप को उद्यम क्रांति योजना में कितना फायदा?
फरवरी 2025 के आदेश के मुताबिक स्टार्टअप्स को 5% सालाना ब्याज अनुदान और गारंटी फीस की भरपाई, दोनों अधिकतम 5 साल तक।
क्या पति पत्नी दोनों अलग अलग आवेदन कर सकते हैं?
दिशानिर्देश में इसका उल्लेख नहीं है। परिवार की आय सीमा ₹12 लाख दोनों पर लागू होगी, जिले के DTIC से पुष्टि कर लें।
स्रोत MSME विभाग का आदेश 29 नवंबर 2021, मार्गदर्शिका 7 जनवरी 2022, बाद के संशोधन आदेश और संशोधित पुस्तिका (मार्च 2026)। आवेदन से पहले पोर्टल पर ताजा नियम जरूर देखें।
स्रोत MSME विभाग मप्र, संशोधित पुस्तिका 2026, मार्गदर्शिका 7 जनवरी 2022, संशोधन आदेश 30 सितंबर 2022, समस्त पोर्टल, जनसंपर्क विभाग मप्र
ग्राफिक- StateNews
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