*टीकमगढ़: दीपावली से पहले मिट्टी के दीयों से रोशन हुई कुम्हारों की उम्मीदें* *बाजार में बढ़ी मांग, दिन-रात दीये बनाने में जुटे कुम्हार परिवार* *टीकमगढ़।* दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है। वहीं मिट्टी के दीयों से कुम्हारों के घरों में भी उम्मीदों के दीये जल उठे हैं। हर साल की तरह इस बार भी दीपावली पर मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ गई है, जिससे जिले के कुम्हार परिवारों में उत्साह का माहौल है। शहर के कुम्हार मोहल्ला सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कुम्हार परिवार दिन-रात दीये, कलश, करवा और अन्य मिट्टी के बर्तन बनाने में जुटे हैं। चाक की रफ्तार तेज हो गई है और आंगन में कतार में सूखते दीये उनकी मेहनत और उम्मीदों की कहानी बयां कर रहे हैं। कुम्हारों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में चाइनीज लाइटों के कारण मिट्टी के दीयों की बिक्री पर असर पड़ा था, लेकिन अब लोग फिर से स्वदेशी और पर्यावरण अनुकूल उत्पादों की ओर लौट रहे हैं। प्रशासन और सामाजिक संगठनों द्वारा "मिट्टी के दीये अपनाओ" अभियान चलाए जाने से भी बिक्री में इजाफा हुआ है। हरलाल कुम्हार ने बताया कि दीपावली पर ही उनकी साल भर की रोजी-रोटी का बड़ा हिस्सा निर्भर करता है। इस बार बाजार अच्छा होने की उम्मीद है। ग्राहक भी अब 10-20 रुपये के दीयों के पैकेट से लेकर डिजाइनर दीये तक खरीद रहे हैं। बाजार में सादे दीयों के साथ-साथ रंग-बिरंगे पेंट किए हुए दीये, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और सजावटी दीयों की भी काफी मांग देखी जा रही है। कुम्हारों को उम्मीद है कि इस दीपावली उनके घर भी रोशन होंगे।