अव्यवस्था की चपेट में पाली का प्रमुख अस्पताल: मरीजों को झेलनी पड़ रही हैं मुश्किलें
उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली पाली के प्रमुख अस्पताल में अव्यवस्था का माहौल हावी हो गया है, जिससे मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के आरोप हैं कि जब से प्रभारी बीएमओ पी. एल. सागर ने कार्यभार संभाला है, तब से अस्पताल की चिकित्सा सुविधाएं अत्यंत सीमित हो गई हैं।
मुख्य समस्याएं:
- डॉक्टरों की अनुपस्थिति: मरीजों का दावा है कि अक्सर चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहते। हाल ही में एक साधारण पेट दर्द से पीड़ित मरीज को इलाज के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, क्योंकि कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
- दवाइयों की कमी: सरकारी दवाइयों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को निजी क्लीनिकों या शहडोल और उमरिया जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है।
प्रभारी बीएमओ की प्रतिक्रिया: जब इस मामले पर प्रभारी बीएमओ पी. एल. सागर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कैमरे के सामने आने से इनकार कर दिया और फोन पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
स्वास्थ्य सेवाओं की सीमितता:
पाली ब्लॉक में वर्तमान में केवल तीन चिकित्सक हैं, जिनमें से दो अन्य उप स्वास्थ्य केंद्रों की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। इस कारण अस्पताल की व्यवस्था अक्सर नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के भरोसे ही चलती है।
स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया:
कई स्थानीय नेताओं ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की है, जिनमें कांग्रेस नेता रजनीश तिवारी (जॉनी), भाजपा नेता एवं व्यापारी संघ अध्यक्ष विमल अग्रवाल, तथा स्थानीय नागरिक कुंज बिहारी उपाध्याय शामिल हैं।
प्रशासन की अनदेखी:
हाल ही में उमरिया कलेक्टर के औचक निरीक्षण में सी. बी. एम. ओ. की अनुपस्थिति दर्ज की गई थी।
निष्कर्ष: आदिवासी बाहुल्य पाली ब्लॉक के इस प्रमुख अस्पताल की बिगड़ी व्यवस्था पर प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि कब तक ध्यान देंगे, यह देखना बाकी है।

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