आलोट। खरीफ सीजन से पहले कृषि विभाग ने उर्वरक वितरण में अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आलोट के चार उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई राज्य शासन के निर्देशों तथा कलेक्टर मिशा सिंह के मार्गदर्शन में गठित उर्वरक निरीक्षण दल द्वारा की गई।

जानकारी के अनुसार जिले में 1 अप्रैल से किसानों को उर्वरक वितरण के लिए ई-विकास (ई-टोकन) प्रणाली लागू की गई है, ताकि खाद वितरण में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही उर्वरक उपलब्ध हो सके। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मेसर्स अरिहंत ट्रेडर्स, बालाजी इंटरप्राइजेज, नवपद ट्रेडर्स एवं कुतुबी फर्टिलाइजर्स, आलोट के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।

उप संचालक कृषि आर.के. सिंह ने बताया कि प्रदेश में उर्वरक विक्रय केवल ई-विकास (ई-टोकन) प्रणाली के माध्यम से ही किया जाना अनिवार्य है। किसी भी विक्रेता द्वारा बिना ई-टोकन उर्वरक बेचते पाए जाने पर उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग की इस कार्रवाई से जिले के उर्वरक कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि किसानों के हितों से समझौता करने वाले किसी भी विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।