गढ़ाकोटा।सागर जिले के गढ़ाकोटा पूर्व वितरण केंद्र अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत अधोसंरचना को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। बीते दिनों अज्ञात चोरों ने अलग-अलग गांवों में 11 केवी कृषि पंप फीडरों से कंडक्टर (तार) चोरी कर लाखों रुपये की क्षति पहुंचाई है। लगातार हो रही इन घटनाओं से न केवल विद्युत विभाग को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि किसानों की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।
सहायक अभियंता,मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, गढ़ाकोटा उपसंभाग द्वारा पुलिस को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि 25 मई 2026 की मध्यरात्रि को मौजा छुल्ला स्थित 11 केवी फुलर कृषि पंप फीडर को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा नुकसान पहुंचाया गया। चोरों ने यहां से 6 स्पॉन का कंडक्टर तार चोरी कर लिया तथा 4 विद्युत खंभों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
इसके बाद 29 मई 2026 की रात ग्राम कुमरई के मौजा खारेतला में स्थित 11 केवी सेवास कृषि पंप फीडर को निशाना बनाया गया। यहां से 8 स्पॉन का कंडक्टर तार चोरी कर लिया गया और 3 खंभों को नुकसान पहुंचाया गया।
चोरी की घटनाओं का सिलसिला यहीं नहीं रुका।
ग्राम उदयपुरा में उदयपुरा कृषि पंप फीडर के अंतर्गत गोल्डी ठाकुर के खेत गुहारी तथा राजेन्द्र/ रामनाथ उपाध्याय के खेत क्षेत्र में 2 जून 2026 को 6 स्पॉन का कंडक्टर तार चोरी कर लिया गया तथा 2 खंभे क्षतिग्रस्त कर दिए गए। इसके बाद 5 जून 2026 को उसी क्षेत्र में फिर से 2 स्पॉन का कंडक्टर तार चोरी कर लिया गया और एक खंभे को नुकसान पहुंचाया गया।
वहीं 7 जून 2026 की मध्यरात्रि को देवपुरा रोड स्थित 11 केवी उदयपुरा कृषि पंप फीडर को भी चोरों ने अपना निशाना बनाया। यहां से 4 स्पॉन का कंडक्टर तार चोरी कर लिया गया।
विद्युत विभाग के अनुसार गढ़ाकोटा पूर्व वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न गांवों में तार चोरी और ट्रांसफार्मर ऑयल चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इन घटनाओं के कारण कंपनी को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। विभाग ने अनुमान लगाया है कि हालिया चोरी और तोड़फोड़ की घटनाओं से करीब 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
सहायक अभियंता ने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। विभाग का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ किसानों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस जांच के बाद ही चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपियों की पहचान और नुकसान की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
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