डबरा में ‘आवास’ घोटाला! रिश्वत लेकर नियमों को किया दरकिनार, CMO पर EOW की बड़ी कार्रवाई

डबरा से एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां Economic Offences Wing (EOW) ने प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार के आरोप में नगर पालिका के तत्कालीन सीएमओ पर एफआईआर दर्ज कर दी है। मामला लाखों नहीं, बल्कि करोड़ के नुकसान से जुड़ा है।

🔴 क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता पार्षद धर्मेन्द्र सिंह (हैप्पी) की शिकायत पर जांच शुरू हुई, जिसमें खुलासा हुआ कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जमकर गड़बड़ी की गई। जहां सरकार द्वारा प्रति हितग्राही 2.50 लाख रुपये देने का प्रावधान है, वहीं आरोपियों ने सेटिंग कर कई लोगों के खातों में सीधे 3-3 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

💸 रिश्वत लेकर ‘मलाईदार खेल

जांच में सामने आया कि बिना जियो टैगिंग और बिना किसी भौतिक सत्यापन के, हितग्राहियों से पैसे लेकर अतिरिक्त राशि डाली गई। कुल 13 हितग्राहियों को नियम विरुद्ध ज्यादा भुगतान किया गया।

📉 सरकार को 1.31 करोड़ का नुकसान

इस पूरे खेल में शासन को करीब 1,31,50,000 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। भुगतान सीधे पीएफएमएस के जरिए कराया गया, जबकि जरूरी प्रक्रियाओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।

👥 कौन-कौन फंसा?

इस घोटाले में तत्कालीन सीएमओ प्रदीप भदौरिया और संविदा कर्मचारी राहुल गुप्ता का नाम सामने आया है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर पोर्टल संचालन में हेरफेर की और नियमों को ताक पर रखकर पैसे बांटे।

⚖️ कानूनी शिकंजा कसा

EOW ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

🔥 जीरो टॉलरेंस का संदेश

इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। अब देखना होगा कि जांच में और कौन-कौन बेनकाब होता है।

👉 डबरा में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है—क्या यह सिर्फ शुरुआत है या और भी बड़े खुलासे होने बाकी हैं?