देवास: महिलाओं की मदद से रेकी कर सूने मकानों में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 12 लाख का माल बरामद
देवास पुलिस ने सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग 12 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, लैपटॉप, घड़ियां तथा वारदात में प्रयुक्त कार बरामद की है।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरोह पहले सूने मकानों की रेकी करता था और फिर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। जांच में सामने आया कि गिरोह महिलाओं का उपयोग संदेह से बचने के लिए करता था। रेकी के दौरान महिलाएं आरोपियों के साथ कार में बैठती थीं और वारदात के समय भी वाहन में मौजूद रहती थीं, जिससे किसी को उन पर शक न हो और वे पुलिस की नजरों से बच सकें।
पुलिस के अनुसार, 27 मई को सिविल लाइन थाना क्षेत्र तथा 31 मई को कर्मचारी कॉलोनी क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। जांच में एक ही चार पहिया वाहन का उपयोग सामने आने पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी जयंत मीणा (19 वर्ष), आकाश तथा दो महिला आरोपियों चेतना सोलंकी और चिंकी उर्फ प्रिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने पांच से छह दिनों के भीतर तीन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था, जिनमें से फिलहाल दो मामलों का खुलासा किया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया पूरा मशरूका और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद कर लिया गया।
बरामद सामान में डायमंड मंगलसूत्र, डायमंड ईयररिंग, सोने-चांदी के आभूषण, घड़ियां, लैपटॉप और नकदी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी जयंत मीणा के खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि आरोपी आकाश पर करीब 15 प्रकरण दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उनका अन्य जिलों में हुई चोरी की वारदातों से कोई संबंध है या नहीं। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर गिरोह से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।
Continue With Google
Comments (0)