कटनी। जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कटनी पुलिस की सख्ती सिर्फ छोटे और कमजोर वाहनों तक सिमट कर रह गई है। बड़े डंपर, हाईवा और ट्रक सड़कों पर बेधड़क दौड़ रहे हैं, जबकि पुलिस की नजर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और गरीब चालकों पर टिकती दिख रही है।
इसी क्रम में थाना बड़वारा पुलिस ने ग्राम बसाड़ी हाट बाजार के पास अवैध रेत परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर प्रेस नोट जारी कर दिया। जांच के दौरान ट्रॉली में रेत भरी पाई गई। चालक संजय चौधरी निवासी ग्राम सुंडी से जब लाइसेंस और रेत परिवहन के वैध दस्तावेज मांगे गए तो वह मौके पर कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित रेत को जब्त कर थाना परिसर में खड़ा करा दिया।
हैरानी की बात यह है कि पुलिस की यह ‘कार्रवाई’ उन्हीं छुटभैयों तक सीमित है, जिनका बड़े रेत नेटवर्क से कोई सीधा सरोकार नहीं दिखता। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले के प्रमुख मार्गों पर रात के अंधेरे में बड़े वाहन बेरोकटोक रेत ढोते नजर आते हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई करने से पुलिस कतराती है।
सवाल यह उठता है कि क्या कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है? क्या बड़े रेत माफिया पुलिस की पहुंच से ऊपर हैं? जमीन पर माफिया बेलगाम हैं और कागजों में पुलिस की कार्रवाई चमकदार प्रेस नोटों तक सीमित दिखाई दे रही है।
जिले में अवैध रेत कारोबार पर वास्तविक अंकुश तभी लगेगा, जब पुलिस छोटे वाहनों के साथ-साथ बड़े और प्रभावशाली रेत माफियाओं पर भी समान सख्ती दिखाए। फिलहाल हालात यह हैं कि कार्रवाई कम और दिखावा ज्यादा नजर आ रहा है।
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