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खकनार
दिनांक 20/04/2026 को जिला विधिक सहायता प्राधिकरण महिला बाल विकास एवं बाल कल्याण समिति
के संयुक्त तत्वाधान में बाल विवाह मुक्त अभियान के अंतर्गत
बाल विवाह रोकने के लिए खकनार परियोजना में उड़नदस्ते द्वारा भ्रमण
एवं निरीक्षण कर एक बाल विवाह को संपन्न होने से रोका गया विवाह स्थल पर
बालिका के दस्तावेजों का निरीक्षण कर विवाह रोकने हेतु पंचनामा बनाया गया वही उन्हें समझाइश दी गई कि बाल विवाह , जो एक कानूनन अपराध है। यह प्रथा बच्चों के मानवाधिकारों का उल्लंघन है, जो शिक्षा और स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुँचाती है लड़की के लिए 18 वर्ष और लड़के के लिए 21 वर्ष से कम उम्र में शादी करना बाल विवाह माना जाता है।बाल विवाह बच्चों, विशेषकर लड़कियों की शिक्षा को रोकता है, जिससे उनका विकास रुक जाता है।
उड़द दस्ते में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विधिक अधिकारी सुश्री
अनुपमा मुजालदा जी बाल कल्याण समिति अध्यक्ष श्रीमती विजया सिंह चौहान, सदस्य श्रीमती मेघा भिड़े श्रीमती सीमा पाटिल।
श्री मोहन पवार एवं महिला बाल विकास की ओर से प्रभारी परियोजना अधिकारी खकनार श्रीमती मंदा मोरे
एवं सामाजिक कार्यकर्ता
श्री महेंद्र जैन, श्रीमती फौजीया सोडावाला, श्रीमती किरण ठाकुर एवं पुलिस अमला उपस्थित था।

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