बरगी थाने में लाश रखकर ग्रामीणों का प्रदर्शन

प्रशासन द्वारा दुकान तोड़ने पर सदवे में युवक की गई जान

बरगी :ग्राम बरगी तहसील के सामने बने मुख्य मार्केट में अचानक प्रशासन का बुलडोजर चलना शुरू हुआ जिससे सदमे में वहां के दुकानदार की जान चली गई जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और अस्पताल से सीधे बरगी थाने में लाश रखकर प्रदर्शन करने लगे लोगों का कहना है कि प्रशासन ने प्रभावशाली लोगों के दबाव में वर्षों से मुख मार्ग में व्यापार कर रहे दुकानदारों के भारी भारी दुकान में बुलडोजर चलवाना शुरू कर दिया जिससे मां नर्मदा मेंस वेयर नाम से संचालित दुकान के दुकानदार मिंटू अग्रवाल का सदमे में मौत हो गई ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन मस्त चाल में इतना सख्त हो गया कि जब युवक को दिल का दौरा पड़ा तो उसे अस्पताल भिजवाने की भी व्यवस्था युवक को प्राइवेट वाहन से अस्पताल ले जाया गया जबकि प्रशासन दुकान तोड़ने और बुलडोजर चलाने में व्यस्त रहा देर शाम तक लोगों का जंबाला बरगी थाने में बना रहा और लोगों की मांग रही की कलेक्टर और एसपी जाकर जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्यवाही करें और शासन के इस रवैया का पूरे ग्राम में विरोध हो रहा है लोगों का कहना है कि स्थानीय लोगों की जमीन के लिए प्रशासन इतना सख्त है और सरकारी जमीन पर हजारों कब्जे करने के बाद भी प्रशासन उनको खाली नहीं करवा पा रहा है जबकि निजी जगह के लिए पूरा प्रशासन पूरी तरह मिस्ट था था यह चर्चा का विषय है
प्राप्त जानकारी के अनुसार बरगी पटेल तिराहे जो की बरगी डैम जाने वाले रास्ते पर पड़ता है वहां पर पटेल परिवार के द्वारा 5 से 10 दुकानें बनाई गई थी जो कि कई वर्षों से संचालित की जा रही थी अभी कुछ समय पहले बरगी के ही कुछ प्रभावशाली जनों के द्वारा उसे विवादित जमीन को खरीदने के बाद विवाद बढ़ता चला गया और आज दिनांक 12 फरवरी को प्रशासन ने शक्ति दिखाते हुए ताबड़तोड़ कार्यवाही प्रारंभ कर दी और लोगों को सामान निकालना तक की मोहलत देना सही नहीं समझा और ना ही किसी दुकानदार को सामान रखने की कोई व्यवस्थित जगह मुहैया कराई जिन्होंने कार्यवाही करवाई है उनका इतना ज्यादा असर प्रशासनिक अधिकारियों पर दिख रहा था की बरसों से दुकान संचालित कर रहे दुकानदारों को एक दिन की भी मोहलत देना सही नहीं समझा खबर लेकर जाने तक एडिशनल एसपी अंजना और बरगी सी एसपी अंजुल मिश्रा लोगों को समझाइए देते नजर आए लेकिन लाश रखकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण प्रशासन के साथ मिलकर कार्यवाही करवाने वाले प्रभावशाली लोगों पर लिखित फिर दर्ज करने पर आदि हुई थी
प्रशासन द्वारा जबलपुर डिप्टी कलेक्टर नाथूराम गोंड एवं एडिशनल एसपी अंजना तिवारी के साथ कई थाने की पुलिस मौके पर मौजूद रहे परंतु समझाइश के बाद भी ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे लोगों की मांग थी कि पटवारी तहसीलदार एवं अन्य पर 302 की कार्यवाही की मांग पर अड़े रहे अधिकारियों की समझाइश के बाद आरोपियों के खिलाफ आवेदन देकर प्रदर्शन समाप्त हुआ
लोगों का आरोप था कि स्टे ऑर्डर होने के बाद भी यह कार्यवाही की गई तहसीलदार द्वारा स्टे ऑर्डर देखा तक नहीं गया