इंदौर पुलिस की तत्परता ने छीन ली मौत से एक जिंदगी। सोमवार को इंस्टाग्राम पर गले में फंदा डालकर LIVE आत्महत्या का प्रयास कर रहे युवक को छत्रीपुरा थाना पुलिस ने मौत के मुंह से खींच लिया।

 

क्या है पूरा मामला:  

19 मई को इंदौर पुलिस के साइबर सेल को सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान एक 'सुसाइड अलर्ट' मिला। एक इंस्टाग्राम यूजर ने अपने अकाउंट से गले में रस्सी का फंदा डालते हुए वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में युवक बेहद मानसिक तनाव में दिख रहा था।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर के निर्देश पर DCP जोन-4 सुनील मेहता ने तत्काल एक्शन लिया। थाना छत्रीपुरा की विशेष टीम गठित कर साइबर इनपुट और तकनीकी मदद से युवक की लोकेशन ट्रेस की गई। पुलिस टीम वीडियो पोस्ट होने के करीब 20 मिनट के अंदर ही मौके पर पहुंच गई और युवक को सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया।

 

पूछताछ में खुली वजह:  

काउंसलिंग के दौरान युवक ने बताया कि पारिवारिक डांट और मानसिक आवेश के चलते उसने गुस्से में यह कदम उठाया था। पुलिस अधिकारियों ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उसे समझाया कि "जीवन अत्यंत अनमोल है। क्षणिक गुस्सा पूरे परिवार को जीवनभर की पीड़ा दे सकता है।"

 

पुलिस ने परिजनों को भी समझाइश दी कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, उनकी भावनाओं को समझें और तनाव में भावनात्मक सहयोग दें।

 

पुलिस की दो टूक:  

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि "सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियो पोस्ट करना समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और आत्महत्या का प्रयास कानूनन गंभीर अपराध भी है।"

 

 इंदौर पुलिस की अपील  

"हर समस्या का समाधान संभव है"  

इंदौर पुलिस का कहना है कि तनाव, अवसाद या पारिवारिक विवाद में आत्मघाती कदम उठाने के बजाय परिजनों, मित्रों या पुलिस से संपर्क करें। इंदौर पुलिस हर नागरिक की सुरक्षा के लिए 24x7 तत्पर है।  

याद रखें: अगर आसपास कोई मानसिक तनाव में दिखे तो उसे अकेला न छोड़ें। बात करें और जरूरत पर 112 डायल करें।