शहडोल। जिले के अमलाई थाना अंतर्गत ईटाभट्ठा क्षेत्र में संचालित शिव कबाड़ अब केवल एक दुकान नहीं, बल्कि अपराधों का एक संगठित केंद्र बन चुका है। कबाड़ के नाम पर यहां जो खेल चल रहा है, वह किसी बड़ी आपराधिक साठगांठ की ओर इशारा कर रहा है। रिहायशी इलाके में नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे इस अवैध धंधे को स्थानीय पुलिस,  और सरकारी संस्थानों की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बलों का खुला संरक्षण प्राप्त है।

सरकारी खजाने पर कबाड़ी माफिया का डाका
सूत्रों और स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पूरे काले कारोबार की डोर तीन मुख्य चेहरों पप्पू , अनीस  और ईटाभट्ठा स्थित शिव कबाड़ी के हाथों में है। ये तीनों मिलकर एक ऐसा नेटवर्क चला रहे हैं, जिसके आगे कानून और प्रशासन घुटने टेके हुए हैं।

अमराडंडी स्टोर कॉलोनी: सुरक्षा का ढोंग और चोरी का तांडव
अमराडंडी स्थित SECL की स्टोर कॉलोनी, जहाँ करोड़ों का लोहा, तांबा, पीतल और अन्य कीमती सरकारी सामान रखा जाता है, वहां की सुरक्षा का जिम्मा CISF और SISF के पास है। लेकिन दुखद यह है कि रक्षक ही भक्षक बन गए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के सन्नाटे में जब पूरी कॉलोनी सो रही होती है, तब खुद सुरक्षा बल के जवान इन कबाड़ियों को इशारा कर अंदर बुलाते हैं। रात के अंधेरे में पिकअप वाहनों, बाइक और रिक्शों के जरिए लाखों का सरकारी सामान चोरी कर बाहर निकाला जाता है। यह सब सुरक्षा बलों की देखरेख में होता है।

शासन प्रशासन की संदिग्ध चुप्पी
सवाल यह है कि प्रशासन को क्या यह सब दिखाई नहीं देता? हर रात होने वाली चोरियों और खुलेआम सरकारी संपत्तियों के गलाने के बावजूद पुलिस की चुप्पी इनकी मिलीभगत को पुख्ता करती है। क्या पुलिस प्रशासन को किसी बड़े निर्देश का इंतजार है, या फिर यह हफ्ते का खेल है जिसने कानून की आंखों पर पट्टी बांध रखी है?

नागरिकों के लिए बना नासूर
ईटाभट्ठा में कबाड़ के नाम पर जो आग जलाई जा रही है, उससे निकलने वाला जहरीला धुआं और रसायनों का कचरा आसपास के निवासियों का दम घोंट रहा है। भूजल दूषित हो रहा है, लेकिन अवैध कमाई में मस्त इस माफिया को न जनस्वास्थ्य की चिंता है और न ही कानून का खौफ।

प्रशासन कब तोड़ेगा चुप्पी?
यह खबर प्रशासन के माथे पर कलंक की तरह है। यदि जिले के उच्चाधिकारी अब भी नहीं जागे, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह गोरखधंधा किसी बड़े संरक्षण में चल रहा है।  
क्या जिला प्रशासन इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कराएगा?  
क्या स्टोर कॉलोनी की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बलों की भूमिका पर सवाल उठेगा?  
क्या शिव कबाड़ी, पप्पू  और अनीस पर गैंगस्टर जैसी कठोर कार्रवाई होगी?  

क्षेत्र की जनता अब कार्रवाई का इंतजार कर रही है। क्या प्रशासन में अभी भी थोड़ी नैतिकता बची है, या कबाड़ माफियाओं के आगे पूरा तंत्र बिक चुका है?