रीवा-मऊगंज में सिंथेटिक ड्रग कनेक्शन का पर्दाफाश: फैक्ट्री और सप्लायर से 4 किलो ड्रग बरामद

रीवा और मऊगंज में सिंथेटिक ड्रग का एक बड़ा और जटिल नेटवर्क सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन और कानून व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो बड़ी कार्रवाइयां की हैं, जिनसे इस अवैध धंधे की व्यापकता का पर्दाफाश हुआ है।

मऊगंज में फैक्ट्री का भंडाफोड़:

  • मऊगंज पुलिस ने बिजौली गांव में छापेमारी कर सिंथेटिक ड्रग बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।
  • इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 1 किलो ड्रग बरामद की गई।

रीवा में सप्लायर की गिरफ्तारी:

  • रीवा पुलिस ने गढ़ थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव में एक सप्लायर और उसके साथी से 3 किलो सिंथेटिक ड्रग जब्त की।
  • बरामद ड्रग की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मऊगंज में गिरफ्तार चार आरोपियों में से तीन रीवा के सोनबरसा गांव के निवासी हैं। इससे दोनों जिलों की कार्रवाई के बीच सीधा कनेक्शन सामने आ रहा है।

जांच की दिशा: पुलिस अब इस हाई-प्रोफाइल ड्रग सिंडिकेट की कड़ियों को खंगालने में जुटी है। प्रमुख सवाल यह है कि सिंथेटिक ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाला प्रतिबंधित केमिकल, जो केवल लाइसेंसधारकों को मिलता है, अवैध फैक्ट्री तक कैसे पहुंचा?

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरे सप्लाई नेटवर्क और केमिकल सप्लायर की जांच शुरू कर दी है। यह मामला न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चिंताजनक है, और इसे जल्द से जल्द सुलझाना कानून व्यवस्था के लिए आवश्यक है।