रीवा में किसान की आत्महत्या: कर्ज और जमीन विवाद ने ली जान

रीवा। जिले के खौर कोठी गांव में एक किसान की आत्महत्या ने प्रशासन और भू-माफियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक किसान सुखलाल साकेत ने सुसाइड नोट छोड़कर फांसी लगाई, जिसमें भूमि हड़पने और न्याय न मिलने की पीड़ा व्यक्त की गई है।

सुखलाल ने आर्थिक तंगी के चलते अपनी जमीन गिरवी रखकर ढाई लाख रुपये का कर्ज लिया था। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने धोखे से जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली, जबकि गहननामा (बंधक) कराने का वादा किया था।

परिजनों के मुताबिक, सुखलाल ने कई बार थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत की, परंतु कहीं से भी न्याय नहीं मिला। मृतक के पुत्र राकेश कुमार साकेत का कहना है कि उनके पिता को शिकायत वापस लेने के लिए जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही थीं।

लगातार मानसिक तनाव और न्याय की उम्मीद टूटने के बाद, सुखलाल ने यह दुखद कदम उठाया।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

निष्कर्ष: यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है बल्कि किसानों की मौजूदा स्थिति पर भी ध्यान आकर्षित करती है। यह आवश्यक है कि संबंधित अधिकारी शीघ्र और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दें और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं।