अशोकनगर: सरपंच व पत्रकार पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला, निष्पक्ष जांच की मांग

अशोकनगर-चंदेरी थाना पुलिस द्वारा सरपंच और पत्रकार बलवीर सिंह यादव सहित चार लोगों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले ने जिले में तूल पकड़ लिया है। मामले को राजनीतिक और सामाजिक रंग मिलने लगा है। श्रमजीवी पत्रकार संघ, सरपंच संघ, अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा और जिला पत्रकार संघ ने पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

संगठनों ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में मामले को झूठा और तथ्यों के विपरीत बताया है। ज्ञापन में निष्पक्ष जांच, कथित साक्ष्यों की जांच और जांच पूरी होने तक संबंधित थाना प्रभारी को हटाने की मांग की गई है।

मामले की पृष्ठभूमि

30 जून को चंदेरी थाने में अपराध क्रमांक 369/26 के तहत मामला दर्ज किया गया। संगठनों का दावा है कि शिकायतकर्ता की पहचान और निवास संबंधी जानकारी संदिग्ध है। कथित घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनकी रिकॉर्डिंग से घटना की पुष्टि की जा सकती है।

संगठनों का दावा

  • 7 जून को पुलिस चौकी में कथनों की वीडियो रिकॉर्डिंग और लिखित बयान लिए गए थे।
  • बयानों में कथित मारपीट या जातिसूचक गाली-गलौज जैसी घटना से इनकार किया गया था।
  • 23 दिन बाद एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया।
  • पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।

बलवीर सिंह यादव का पक्ष

बलवीर सिंह यादव ग्राम पंचायत खागल-दुधराई के निर्वाचित सरपंच, सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष, पत्रकार और मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला इकाई के जिला सचिव हैं। संगठनों ने आरोप लगाया कि उनकी सार्वजनिक और सामाजिक सक्रियता के कारण उन्हें राजनीतिक द्वेष का शिकार बनाया गया है।

समाधान की दिशा

प्रतिनिधिमंडलों ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराने, कथित वीडियो रिकॉर्डिंग और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कराने और जांच पूरी होने तक चंदेरी थाना प्रभारी को हटाने की मांग की। ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री और ग्वालियर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक को भी प्रेषित की गई हैं।

इस मामले पर नजर बनाए रखें, ताकि निष्पक्षता और न्याय सुनिश्चित हो सके।