टीकमगढ़/बल्देवगढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग के बल्देवगढ़ परियोजना अधिकारी महेश दोहरे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले में मामला चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और कार्रवाई को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, अभी तक प्रशासन की ओर से मामले में किसी नोटिस या कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वायरल वीडियो को लेकर परियोजना अधिकारी महेश दोहरे ने अपना पक्ष रखते हुए इसे एडिटेड और छेड़छाड़ किया हुआ बताया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, उसमें पूरी घटना दिखाई नहीं दे रही है। वीडियो के कुछ हिस्से को अलग करके सामने लाने से घटनाक्रम का सही संदर्भ लोगों तक नहीं पहुंच रहा है।

दोहरे के अनुसार, एक आंगनवाड़ी सहायिका द्वारा कुछ दबंग लोगों से परेशान किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी शिकायत की जांच करने और मौके की स्थिति देखने के लिए वह संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचे थे। उनका दावा है कि वहां मौजूद कुछ लोग शराब के नशे में थे और उनके साथ अभद्रता करने लगे। स्थिति बिगड़ने पर उन्होंने भी तेज आवाज में विरोध किया।

परियोजना अधिकारी का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप में केवल घटनाक्रम का एक हिस्सा दिखाई दे रहा है, जबकि उनके पास घटना का पूरा वीडियो मौजूद है। उन्होंने कहा कि यदि मूल वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि वास्तविक घटनाक्रम क्या था और वीडियो में किसी तरह की काट-छांट या छेड़छाड़ हुई है या नहीं।

उन्होंने कहा कि वह किसी भी निष्पक्ष जांच से पीछे नहीं हट रहे हैं और चाहते हैं कि मामले को केवल वायरल वीडियो के आधार पर नहीं देखा जाए। पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।

महेश दोहरे ने कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन पूरे मामले को निष्पक्षता से देखेगा। उनकी मांग है कि वायरल वीडियो के साथ मूल वीडियो की भी जांच कराई जाए और दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए।

फिलहाल मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो तक ही सीमित है और प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अब सबकी निगाह जांच पर टिकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में कितनी सच्चाई है, उसमें कोई छेड़छाड़ हुई है या नहीं और आंगनवाड़ी केंद्र पर वास्तव में उस दिन पूरा घटनाक्रम किस तरह हुआ था।