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शहडोल / जयसिंहनगर : सचिव पर पत्नी के नाम लघु तालाब स्वीकृत कराने का आरोप
मनरेगा रिकॉर्ड के आधार पर दो बार शासकीय योजना का लाभ लेने का दावा, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
जयसिंहनगर। (REPOTER DEEPENDRA SINGH BAGHEL) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में पारदर्शिता को लेकर ग्राम पंचायत बलौड़ी पश्चिम से मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी एवं मनरेगा पोर्टल पर उपलब्ध विवरण के आधार पर आरोप लगाया जा रहा है कि तत्कालीन पंचायत सचिव ओमप्रकाश द्विवेदी की पत्नी मीना के नाम लघु तालाब निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ और उन्हें शासकीय योजना का लाभ दो बार मिला।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने योजना की स्वीकृति प्रक्रिया और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पत्नी के नाम लघु तालाब स्वीकृति पर सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बलौड़ी पश्चिम में वर्ष 2024-25 के दौरान लघु तालाब निर्माण से संबंधित कार्य स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि उक्त कार्य तत्कालीन पंचायत सचिव ओमप्रकाश द्विवेदी की पत्नी मीना के नाम स्वीकृत किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारी के परिवार के सदस्य के नाम पर शासकीय योजना का लाभ दिया गया है, तो योजना की पात्रता, स्वीकृति प्रक्रिया एवं संबंधित दस्तावेजों की जांच आवश्यक है।
परिवार के नाम योजना का लाभ, प्रक्रिया पर उठे सवाल
पंचायतों में विकास कार्यों की स्वीकृति निर्धारित प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रिया के तहत की जाती है। ऐसे में पंचायत सचिव के परिवार के सदस्य के नाम पर योजना स्वीकृत होने की स्थिति में संबंधित रिकॉर्ड की जांच जरूरी हो जाती है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि लघु तालाब से जुड़े स्वीकृति आदेश, तकनीकी स्वीकृति, मस्टर रोल, भुगतान विवरण एवं लाभार्थी संबंधी दस्तावेजों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।
उपयंत्री से नहीं हो सकी बात
इस संबंध में जब हीरामणि मरावी, उपयंत्री जनपद पंचायत जयसिंहनगर से जानकारी लेने के लिए फोन पर संपर्क किया गया, तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया। संबंधित अधिकारी का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
तत्कालीन सचिव ओमप्रकाश द्विवेदी का पक्ष
ग्राम पंचायत बलौड़ी पश्चिम के तत्कालीन सचिव ओमप्रकाश द्विवेदी से मामले में प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क किया गया। उन्होंने कहा—
“स्वीकृत हुआ होगा, मेरा कोई लेना-देना नहीं।”
ओमप्रकाश द्विवेदी वर्तमान में ग्राम पंचायत बराछ, जयसिंहनगर में पदस्थ बताए गए हैं।
ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संबंधित योजना किस आधार पर स्वीकृत हुई, लाभार्थी की पात्रता क्या थी और भुगतान किस प्रक्रिया के तहत किया गया।
फिलहाल मामला लगाए गए आरोपों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर उठे सवालों से जुड़ा है। दस्तावेजों की जांच एवं विभागीय जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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जनहित की खबर — सवाल वही, जो जांच की मांग करें।
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