*जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर मदरसा के बच्चों का दीनी प्रोग्राम, बच्चों ने नआत शरीफ, हदीस और सवाल-जवाब में दिखाया अपना हुनर*


रिपोर्टर मुस्तकीम मुगल


आलीराजपुर। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर नगर के दावलशाह और एकता नगर (जबरन कॉलोनी) मदरसा के बच्चों का रविवार को एक रोज़ा दीनी प्रोग्राम अदबी और रूहानी माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मदरसे के बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हुए एक से बढ़कर एक नात-ए-रसूल हदीस शरीफ और दीनी सवाल-जवाब पेशकर अपनी प्रतिभा का खूबसूरत मुज़ाहिरा किया।
प्रोग्राम का आगाज़ तिलावत-ए-कुरआन पाक से किया गया । इसके बाद बच्चों ने हदीस शरीफ की रोशनी में दीनी मालूमात पेश कीं और सवाल-जवाब के माध्यम से अपनी धार्मिक समझ का परिचय दिया। वही नूरानी तकरीर भी बयान की गई, सरकार-ए-दो-आलम हज़रत मोहम्मद मुस्तफा की आमद की खुशी में बच्चों ने नात-ए-पाक पेशकर महफिल को नूरानी बना दिया। बच्चों की हौसला-अफ़ज़ाई के लिए कार्यक्रम में मौजूद समाजजनों ने उन्हें ईनाम से भी नवाज़ा। कई प्रस्तुतियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप ईनाम और शील्ड देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर बच्चों के चेहरों पर खुशी और कामयाबी का उत्साह साफ दिखाई दिया।
कार्यक्रम की जैरे सरपरस्ती हजरत हाफ़िज़ नजमुद्दीन साहब अशरफी ने की। इस अवसर पर नायब काजी डॉ. एएम शेख, बहारपूरा मस्जिद सदर अलाऊद्दीन चंदेरी, जामा मस्जिद पूर्व सदर सलीम भाई खान, वरिष्ठ पत्रकार रफ़ीक़ कुरैशी, डॉ. शकील शेख, खुर्शीद अली दिवान, मोहम्मद हुसैन पाक़ीज़ा, हाजी इक़बाल खत्री, अशरफ खान, नासिर खान सर, चुन्नू चंदेरी, फरदिन वारसी, नौशाद मकरानी, हमीद कुरैशी एसके, सलीम शाह, मुश्ताक शाह, सलीम मनीहार सहित समाजजन उपस्थित थे । प्रोग्राम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को दीनी तालीम और शिक्षा के साथ-साथ अदब, अख़लाक और इंसानियत की शिक्षा देना समाज की अहम जिम्मेदारी है, बच्चों को दिनियात के साथ दुनियावी शिक्षा भी बेहद जरूरी हे, इस पर हमको गोरो फ़िक्र करना चाहिए। उन्होंने कहा की ऐसे प्रोग्रामो से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रोग्राम मे सलातो-सलाम, दरूदे पाक का नजराना पेश किया गया । प्रोग्राम का संचालन मदरसा के हाफिज़ ईशाक शाह साहब एवं हाफ़िज़ मूसकुरान साहब ने किया और मदरसा समिति सदर रियाज भाई "राजा" ने मेहमानों, समाजजनों और बच्चों का शुक्रिया अदा किया।