अंतिम सफर में भी नरक जैसी यातना!
बीना के गोदना गांव की दर्दनाक हकीकत"

बीना तहसील की ग्राम पंचायत गडा के अंतर्गत आने वाले गांव गोदना में आज फिर एक शवयात्रा को घुटने भर कीचड़ और पानी के बीच से गुजरना पड़ा। बारिश के दिनों में श्मशान घाट का यह कच्चा रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है और हालात बदतर हो जाते हैं।

खुद को जनता का सेवक बताने वाले गडा पंचायत के सरपंच संजय उपाध्याय (जो सरपंच संघ के भी अध्यक्ष हैं) और उनके बड़े भाई राजेंद्र उपाध्याय (वर्तमान बीना नगर मंडल अध्यक्ष) सत्ता और संगठन के रसूख में इस कदर चूर हैं कि उन्हें जनता की यह दुर्दशा दिखाई नहीं देती।

इस पंचायत में पूर्व में भी सरपंच संजय उपाध्याय पर गबन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सबूतों के साथ लग चुके हैं। लेकिन मंडल अध्यक्ष राजेंद्र उपाध्याय द्वारा उन्हें बचाने में निभाई जाने वाली भूमिका और राजनैतिक रसूख के कारण प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह मौन हैं और कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

एक समर्पित भाजपा कार्यकर्ता होने के नाते मुझे यह कहते हुए बेहद दुख हो रहा है कि इन दोनों भाइयों की जुगलबंदी और भ्रष्टाचार के कारण गांव का विकास रुक गया है। मैं माननीय मुख्यमंत्री जी और संगठन के शीर्ष नेतृत्व से पुरजोर अपील करता हूं कि पार्टी की साख खराब करने वाले इन भ्रष्ट स्थानीय चेहरों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही गोदना गांव के इस श्मशान मार्ग का निर्माण प्राथमिकता से कराया जाए।