शासकीय महाविद्यालय केसली में पर्यावरण संरक्षण पर कार्यशाला आयोजित
पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की चुनौतियों के मद्देनजर, शासकीय महाविद्यालय केसली में ईको क्लब के तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला और विभिन्न प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारी का बोध कराना था, जो 'सतत जीवन शैली' और 'ई-वेस्ट' जैसे समसामयिक विषयों पर केंद्रित था।
विविध प्रतियोगिताओं से दिया पर्यावरण बचाओ का संदेश
महाविद्यालय में पर्यावरण जागरूकता अभियान के अंतर्गत विविध गतिविधियों की श्रृंखला आयोजित की गई:
- पोस्टर प्रतियोगिता: विद्यार्थियों ने रंगों के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण और उनके समाधान को चित्रित किया।
- पर्यावरण ट्रीविया क्विज: सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के जरिए छात्रों की पर्यावरण संबंधी जानकारी को परखा गया।
- स्लोगन लेखन: प्रभावशाली नारों के माध्यम से 'हरित पृथ्वी' का संदेश प्रसारित किया गया।
मुख्य वक्ता का संबोधन: प्राकृतिक संसाधनों का सीमित उपयोग अनिवार्य
कार्यशाला में उद्यानिकी विभाग के विशेषज्ञ प्रदीप परिहार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
- संसाधनों का दोहन: प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध उपयोग की चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने आवश्यकताओं को सीमित कर प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
- ई-वेस्ट का खतरा: इलेक्ट्रॉनिक कचरे के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए, उन्होंने पर्यावरण में विषैले पदार्थों के प्रवेश को रोकने का आह्वान किया।
- सतत विकल्प: जीवन में पुनर्चक्रण और जैविक उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की।
उन्होंने कहा, "पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। छोटे-छोटे बदलाव ही सतत भविष्य की नींव रखते हैं।"
कार्यक्रम की रूपरेखा और उपस्थिति
कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संचालन डॉ. साधना अवस्थी द्वारा किया गया। आयोजन के अंत में ईको क्लब की प्रभारी डॉ. अर्चना दुबे ने मुख्य वक्ता एवं उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया।

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