पलेरा की जुड़वा बहनें, अंशिता-अंशिका ने एक साथ NEET UG 2026 में पाई सफलता...

दित्यपाल राजपूत 

पलेरा : बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले के पलेरा नगर से बेटियों की प्रतिभा और परिश्रम की प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। पलेरा की जुड़वा बहनें अंशिता पाण्डेय और अंशिका पाण्डेय ने NEET UG 2026 की प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा में एक साथ सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है।
बचपन से साथ पढ़ीं और साथ ही अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ीं दोनों बहनों ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने के लिए दोनों ने लगातार परिश्रम किया और आज उसकी पहली बड़ी मंजिल को प्राप्त कर लिया।
अंशिता और अंशिका प्रतिष्ठित शिक्षाविद् स्वर्गीय के.पी. त्रिपाठी (पूर्व प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा) की नातिन हैं। उनकी माता श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय शिक्षिका हैं, जबकि पिता हरिओम पाण्डेय प्रयागराज स्थित अलौकिक फार्मेसी के संचालक हैं।
दोनों बहनों ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के.पी. मेमोरियल पब्लिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पलेरा से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने छतरपुर के एंजेल स्कूल एवं मारिया माता स्कूल से आगे की शिक्षा ग्रहण की। परिवारजनों के अनुसार, दोनों ने लक्ष्य निर्धारित कर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ NEET की तैयारी की, जिसका सुखद परिणाम आज सबके सामने है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर उनके नाना डॉ. विनोद कुमार पाण्डेय ने दोनों को आशीर्वाद देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। वहीं श्रीमती भगवती देवी, पी.आर. शुक्ला, के.के. त्रिपाठी, डॉ. विपुल शुक्ला, डॉ. वैभव शुक्ला, देवांश पाण्डेय, दर्शन त्रिपाठी, आर.डी. पाठक, कुंज बिहारी त्रिपाठी, प्रेम नारायण मिश्रा, देवेंद्र कुमार तिवारी, हरिशंकर गंगेले, बी.एल. गुप्ता, आत्माराम दीक्षित, श्यामा चरण मिश्रा, आनंद कुमार द्विवेदी, ओमप्रकाश त्रिपाठी, चंद्रभान शर्मा, कौशल किशोर तिवारी, इंद्रपाल सिंह, अज्जू खान, डॉ. रविशंकर सिंग्या, इंदु प्रकाश पटेरिया और आशुतोष खरे सहित परिवार के सदस्यों, शिक्षकों एवं शुभचिंतकों ने दोनों बहनों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अंशिता और अंशिका की यह सफलता न केवल बेटियों की प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और परिवार के सहयोग से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।