हाईकोर्ट से मजदूरों को न्याय: 10 हजार टेक्सटाइल श्रमिकों की वेतन लड़ाई जीती, एरियर भुगतान अनिवार्य

बुरहानपुर। 18 महीनों से जारी वेतनवृद्धि की लड़ाई आखिरकार मजदूरों के पक्ष में खत्म हुई। हाईकोर्ट के निर्णय के बाद मध्यप्रदेश श्रम विभाग ने पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन दरों को 1 अप्रैल 2024 से प्रभावी मानते हुए एरियर भुगतान अनिवार्य कर दिया है। फैसले के बाद बुरहानपुर में मजदूरों ने जश्न मनाया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का स्वागत किया।

बुरहानपुर मजदूर यूनियन अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय, खंडपीठ मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में श्रम आयुक्त, इंदौर द्वारा 18 फरवरी 2026 को आदेश जारी किया गया है। इसके तहत न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अनुसार 1 अप्रैल 2024 से लागू पुनरीक्षित दरें पुनः प्रभावशील घोषित की गई हैं। साथ ही अप्रैल 2024 से अब तक का बकाया एरियर भुगतान सभी नियोजित श्रमिकों को करना अनिवार्य होगा।

दरअसल, मध्य प्रदेश टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन सहित अन्य पक्षों द्वारा 4 मार्च 2024 की अधिसूचना को चुनौती दी गई थी, जिसके चलते वेतन वृद्धि पर अस्थायी रोक लग गई थी। अलग-अलग रिट याचिकाओं पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने श्रमिक हित में निर्णय दिया, जिसके बाद श्रम विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए।

उद्योग नगर क्षेत्र के टेक्सटाइल प्रोसेसिंग उद्योगों में कार्यरत लगभग 10 हजार से अधिक श्रमिक लंबे समय से बढ़े हुए न्यूनतम वेतन की मांग कर रहे थे। अक्टूबर 2025 में यूनियन के नेतृत्व में कामबंद हड़ताल की गई थी, जिससे कई कारखानों में उत्पादन ठप हो गया था। 28 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट में धरना देकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया था।

नवंबर 2025 में गणपति मंदिर में आयोजित सभा में विभिन्न श्रमिक संगठनों ने एकजुट होकर समर्थन दिया। यूनियन ने तब हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करने की घोषणा की थी। अब आए आदेश को यूनियन ने अपनी लंबी लड़ाई की जीत बताया है।

आदेश के प्रमुख बिंदुओं में अकुशल, अर्धकुशल, कुशल एवं उच्च कुशल श्रमिकों के वेतन में 1,625 से 2,434 रुपए तक मासिक वृद्धि, अप्रैल 2024 से एरियर भुगतान तथा परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (VDA) का अनुपालन शामिल है।

रविवार को रेणुका मंदिर परिसर में श्रमिकों का पुष्पहार से स्वागत किया गया। यूनियन ने प्रशासन से आदेश का सख्ती से पालन कराने की मांग की है और उल्लंघन की स्थिति में राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। श्रमिक नेताओं ने इसे न केवल बुरहानपुर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के मजदूर वर्ग के लिए ऐतिहासिक जीत बताया।