मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में खेल और युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में एक भव्य और प्रेरणादायक आयोजन संपन्न हुआ। जिले के प्रतिष्ठित जेएच कॉलेज के अटल सभागृह में जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन किया गया, जहां कला, संस्कृति, साहित्य और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस भव्य आयोजन में जिलेभर के युवाओं ने अपनी छिपी हुई प्रतिभा का खुलकर प्रदर्शन किया और अपनी कला का लोहा मनवाया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना था, जहां वे अपनी सांस्कृतिक और कलात्मक क्षमताओं को बड़े स्तर पर प्रदर्शित कर सकें। इस आयोजन ने पूरे बैतूल जिले के युवाओं में एक नया जोश और उत्साह भर दिया है।

शुभारंभ समारोह और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस जिला स्तरीय युवा उत्सव का शुभारंभ एक गरिमामयी समारोह के साथ किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीओपी सुश्री अन्नपूर्णा सिरसाम (बैतूल) और आरआई प्रदीप रघुवंशी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही, विशेष अतिथि के रूप में जिला युवा अधिकारी श्रीमती सुषमा गवली, कॉलेज के प्राचार्य श्री सतेंद्र उदयपुरे और समस्त निर्णायक मंडली ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

समारोह की शुरुआत भारतीय संस्कृति के महान विचारक स्वामी विवेकानंद जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ की गई। अतिथियों ने अपने संबोधन में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें अनुशासन के साथ कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

विविध प्रतियोगिताओं में युवाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन

युवा उत्सव के दौरान विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक, साहित्यिक और कलात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बैतूल जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पूरी ऊर्जा के साथ हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के परिणाम और प्रदर्शन इस प्रकार रहे:

  • चित्रकला प्रतियोगिता: इस विधा में अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए चित्रांश वरवड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि राघव उमप ने अपनी कला के दम पर द्वितीय स्थान हासिल किया।

  • कविता लेखन प्रतियोगिता: वैचारिक और साहित्यिक सृजन को दर्शाते हुए आर्शी मंसूरी ने प्रथम स्थान अपने नाम किया, और पीयूष लोनारे ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

  • सामूहिक लोक गीत प्रतियोगिता: पारंपरिक संगीत और गायन का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए संदीपनि विद्यालय आमला ने प्रथम स्थान हासिल किया।

  • नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता: सामाजिक मुद्दों को अपनी कला के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए बैतूल थिएटर ग्रुप ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि आरम्भ नाट्य ग्रुप बैतूल ने द्वितीय स्थान हासिल किया।

  • सामूहिक लोक नृत्य प्रतियोगिता: लोक संस्कृति और पारंपरिक नृत्य की अनूठी प्रस्तुति देते हुए संदीपनि विद्यालय हिडली आठनेर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, तथा संदीपनि विद्यालय आमला ने द्वितीय स्थान पर अपना कब्जा जमाया।

सभी विजेताओं ने अपनी अद्भुत कला और प्रस्तुति से दर्शकों और निर्णायक मंडल को मंत्रमुग्ध कर दिया।

संबोधन और नर्मदापुरम संभाग स्तर की तैयारी

प्रतियोगिताओं के सफल समापन के बाद, विजेता प्रतिभागियों को आगामी चरण के लिए तैयार किया जाने लगा है। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले ये सभी विजेता दल अब आगामी चरण में नर्मदापुरम संभाग स्तर पर अपनी कला और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करेंगे। जिला स्तर पर अपनी जीत का परचम लहराने वाले ये युवा अब संभाग स्तर पर बैतूल जिले का प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिससे जिले के खेल और सांस्कृतिक गलियारों में गर्व का माहौल है।

भव्य समापन और आभार प्रदर्शन

कार्यक्रम का समापन समारोह बेहद भव्य रहा, जिसमें कई प्रमुख हस्तियों और जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला विकास सलाहकार समिति सदस्य श्री सुधाकर पवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री हंसराज धुर्वे, श्री कृष्णा गायकी, श्री हेमन्तचंद दुबे, श्री दिनेश जोसफ, श्री रमेश भाटिया, चंद्रशेखर त्रिपाठी, और श्री अतीत पवार उपस्थित रहे। इसके साथ ही जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी श्रीमती पूजा कुरील की सक्रिय उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक सफल बनाया।

पूरे कार्यक्रम का संचालन रामनारायण शुक्ला एवं हिरेन्द्र शुक्ला द्वारा अत्यंत ही सराहनीय और ऊर्जावान तरीके से किया गया। अंत में, कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए राधेलाल बनखेड़े ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, निर्णायकों और दर्शकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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