ओबीसी सशक्तिकरण की हुंकार: संवैधानिक अधिकारों, सियासी नुमाइंदगी एवं सामाजिक इंसाफ के सवालों पर कांग्रेस का मंथन

STATE NEWS AI पत्रकार सूरज कुमार सिहावल 

नई दिल्ली के इंदिरा भवन में गठित समिति की प्रथम बैठक में सम्मिलित हुए पूर्व मंत्री एवं CWC सदस्य कमलेश्वर पटेल

नई दिल्ली।
 सामाजिक न्याय, संवैधानिक मर्यादा एवं पिछड़े वर्गों के हक़-हुकूक की बुलंद आवाज़ को नई धार प्रदान करने के उद्देश्य से आज नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश में ओबीसी सशक्तिकरण हेतु गठित समिति की प्रथम बैठक आयोजित हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य आदरणीय श्री कमलेश्वर पटेल जी ने सहभागिता की।

बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के संवैधानिक अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, सामाजिक न्याय एवं समुचित भागीदारी जैसे ज्वलंत विषयों पर विस्तृत एवं सारगर्भित विमर्श हुआ। ओबीसी समाज के अधिकारों की अभिरक्षा, सामाजिक विषमता के उन्मूलन तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी प्रभावी नुमाइंदगी सुनिश्चित करने की दिशा में विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-मंथन किया गया।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी श्री हरीश चौधरी जी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी, नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार जी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री अरुण यादव जी, AICC सचिव सुश्री हिना कांवरे जी, पूर्व मंत्री श्री राजकुमार पटेल जी, विधायक श्री सिद्धार्थ कुशवाहा जी एवं श्री दिनेश गुर्जर जी सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

**सामाजिक न्याय के संकल्प को साकार करने की दिशा में कांग्रेस प्रतिबद्ध**

मध्यप्रदेश कांग्रेस ओबीसी वर्ग के अधिकारों, सम्मान, राजनीतिक भागीदारी एवं सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ संघर्षरत है। कांग्रेस की विचारधारा समता, बंधुता, न्याय एवं सर्वसमावेशी विकास के मूल सिद्धांतों पर आधारित है। पार्टी का ध्येय है कि समाज के प्रत्येक वंचित, शोषित एवं पिछड़े वर्ग को उसका संवैधानिक अधिकार प्राप्त हो तथा लोकतंत्र की मुख्यधारा में उसकी भागीदारी सुनिश्चित हो।

ओबीसी सशक्तिकरण की यह पहल सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अधिकारों की पैरवी, समान अवसरों की उपलब्धता और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रतिष्ठा के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करती है।

सामाजिक समता, संवैधानिक अधिकार और जनभागीदारी — यही कांग्रेस का संकल्प, यही न्यायपूर्ण समाज की परिकल्पना।