जनसुनवाई में आज सभी को अचंभित के देने वाला मामला देखने को मिला जब एक दिव्यांग बुजुर्ग अपने जिंदा होने का सबूत लेकर आया और कहा साहब में जिंदा हूँ लेकिन आपके सिस्टम ने मुझे मार दिया । जब इस मामले में श्रम विभाग के अधिकारी से बात करनी चाही तो मीडिया से बचने की कोशिश करते नज़र आए
हरदा जिलापंचायत में जनसुनवाई के दौरान एक दिव्यांग बुजुर्ग अपने जिंदा होने का सबूत लेकर आया और प्रशासन से गुहार लगाया कि हुजूर मुझे मेरी दिव्यांग पेंशन दिलवा दो
दरअसल हरदा जिले के अहलबड़ा गांव के निवासी कारण सिंह पिता सीताराम सावनेर का किसी बीमारी के चलते दाहिना पैर काटना पड़ा अब कारण सिंह नकली पैर से लाठी के सहारे चलने को मजबूर है करण सिंह ने जब वृद्धावस्था में दिव्यांग पेंशन तथा वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन किया तो सरकारी पोर्टल पर उसे मृत दर्शाया गया जिस कारण उसे सरकारी योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा था तो आज कारण सिंह जनसुनवाई में स्वयं अपने जिंदा होने का सबूत लेकर उपस्थित हुआ ओर प्रशासन से गुहार लगाई की साहब में जिंदा हूँ लेकिन आपके सिस्टम ने मुझे मृत घोषित कर दिया है मैं अपने जिंदा होने का सबूत लेकर हाजिर हुआ हूं कृपया जांच कर मुझे अपने सिस्टम से जिंदा घोषित कीजिए ताकि मुझे सरकारी योजनाओ का लाभ मिल सके
संयुक्त कलेक्टर सतीश राय का कहना है कि हमें शिकायत मिली थी हम जांच करके जहां भी चूक हुई होगी उसे दुरुस्त कर करण सिंह को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाएंगे जिससे वे अभी बंचित है
जब इस मामले में जिले के सहायक श्रम अधिकारी आशीष चौरसिया से चर्चा करनी चाही तो मीडिया से बचते नजर आए और बड़ी मशक्कत के बाद कहा कि अहलबड़ा के बुजुर्ग करण सिंह आए थे फिलहाल उनका मोबाइल बंद है उनके नंबर पर OTP आना है जिसके बाद हम देखते है कहाँ टेक्निकल समस्या है समग्र ID में या संबल ID में जो भी समस्या होगी उसे ठीक कर दिया जाएगा

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