आमला। राज्य अधिवक्ता परिषद सदस्य के चुनाव को लेकर अधिवक्ता संघ आमला में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर अधिवक्ता संघ मुलताई के अध्यक्ष चंद्रशेखर चंदेल आमला पहुंचे और अधिवक्ताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को जाना।

बैठक को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर चंदेल ने कहा कि बैतूल जिले सहित पूरे प्रदेश के वकीलों की समस्याओं को राज्य स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए वे मध्यप्रदेश के लगभग 55 जिलों का दौरा करेंगे, ताकि जमीनी स्तर पर अधिवक्ताओं की समस्याओं को समझकर उनका समाधान कराया जा सके।

उन्होंने कहा कि यदि उन्हें राज्य अधिवक्ता परिषद में सदस्य चुना जाता है, तो वे वकीलों की आवाज को मजबूती से उठाएंगे और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि युवा, महिला और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता होगी।

चंद्रशेखर चंदेल ने कोर्ट परिसरों में बड़ी बिल्डिंगों में लिफ्ट की सुविधा, अधिवक्ताओं के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था तथा उनके उन्नयन और विकास के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करने की बात कही।

बैठक में अधिवक्ताओं ने भी अपनी समस्याएं रखीं। अधिवक्ता अनिल पाठक ने कहा कि तहसील स्तर पर वकीलों के लिए बैठने हेतु पर्याप्त चेंबर उपलब्ध कराए जाएं तथा महिला वकीलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए।

अधिवक्ता शिवम उपाध्याय ने सुझाव दिया कि कमिश्नर कोर्ट की अपीलें एसडीएम कोर्ट के माध्यम से एकल काउंटर पर प्रस्तुत करने की सुविधा दी जाए तथा वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) कोर्ट के माध्यम से सुनवाई की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व न्यायालयों में सीआईएस सिस्टम सहित ई-कोर्ट सुविधा लागू की जानी चाहिए।

वहीं केशवराव चौकीकर ने कहा कि तहसील स्तर के अधिवक्ता संघों को राज्य अधिवक्ता परिषद से अधिक सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि युवा एवं महिला अधिवक्ताओं को प्रैक्टिस प्रारंभ करने के समय लाइब्रेरी एवं अध्ययन सामग्री का सहयोग दिया जाए। साथ ही उन्होंने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग रखते हुए कहा कि इसके लिए सभी अधिवक्ता संघों को मिलकर राज्य शासन से सामूहिक प्रयास करने होंगे।

बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल सुविधाएं, बेहतर आधारभूत संरचना और अधिवक्ताओं की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है।

इस अवसर पर दिनेश बेडरे, बलिराम पटेल, मनोज कश्यप, महेंद्र खातरकर, कल्पेश माथनकर, रवि देशमुख, शोभाराम यादव, सचिन जैन, दिनेश सोनी, मो. शफी खान सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।