आमला। ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने निकले प्रशासनिक अमले को रतेड़ाकला में गंभीर अनियमितताओं का सामना करना पड़ा। रविवार को एसडीएम शैलेन्द्र बड़ोनिया और जनपद पंचायत सीईओ पंकज दारोटिया ने जब गांव की उचित मूल्य दुकान का औचक निरीक्षण किया, तो दुकान पर ताला लटका मिला। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि निरीक्षण के समय दुकान के बाहर कई ग्रामीण राशन लेने पहुंचे हुए थे, लेकिन दुकान बंद होने के कारण उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।

यह दृश्य न सिर्फ व्यवस्थाओं की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि गरीब हितग्राहियों के प्रति जिम्मेदारों की संवेदनहीनता को भी सामने लाता है। मौके की स्थिति देखकर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी जताई और पूरे मामले को गंभीरता से लिया।

*तय समय पर नहीं खुलती दुकान, व्यवस्था पर सवाल*

निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि उचित मूल्य दुकान का संचालन निर्धारित समयानुसार नहीं किया जा रहा है। मौके पर कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी या संचालक मौजूद नहीं मिला। इससे यह सवाल खड़ा हो गया कि जब अधिकारी के निरीक्षण के समय ही दुकान बंद है, तो सामान्य दिनों में व्यवस्था कैसी रहती होगी।

ग्रामीणों ने बताया कि दुकान का समय निश्चित नहीं है—कभी खुलती है, कभी बंद मिलती है। ऐसे में मजदूरी छोड़कर आने वाले गरीब लोगों को कई बार खाली हाथ लौटना पड़ता है, जिससे उनकी आजीविका पर भी असर पड़ता है।

*राशन वितरण में गड़बड़ी की आशंका*

अधिकारियों ने आशंका जताई है कि दुकान के अनियमित संचालन के चलते राशन वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी हो सकती है। इसको देखते हुए एसडीएम ने वितरण रजिस्टर, उपस्थिति रिकॉर्ड और खाद्यान्न स्टॉक की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

यह भी जांच का विषय है कि जिन हितग्राहियों के नाम पर राशन आवंटित किया जा रहा है, उन्हें वास्तव में उसका लाभ मिल रहा है या नहीं। लंबे समय से निगरानी की कमी के चलते व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित रहने की आशंका जताई जा रही है।

*जवाब-तलब और कार्रवाई की तैयारी*

एसडीएम शैलेन्द्र बड़ोनिया ने संबंधित दुकान संचालक और कर्मचारियों की अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही मानते हुए स्पष्टीकरण मांगे जाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गरीबों को मिलने वाली राशन जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

*ग्रामीणों का आक्रोश: “बार-बार चक्कर लगाना पड़ता है”*

रतेड़ाकला के ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि उन्हें अक्सर राशन लेने के लिए कई बार दुकान के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार दुकान बंद मिलती है, तो कभी वितरण में देरी होती है।

ग्रामीणों का कहना है कि मजदूरी छोड़कर आने के बाद भी राशन नहीं मिलने से आर्थिक नुकसान होता है और परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने मांग की है कि दुकान का संचालन तय समय पर हो और इसकी नियमित निगरानी की जाए।

*निरीक्षण के बाद गांव में चर्चा तेज, अन्य दुकानों में भी मचा हड़कंप*

एसडीएम के औचक निरीक्षण के बाद रतेड़ाकला सहित आसपास के क्षेत्रों में प्रशासनिक सख्ती की चर्चा तेज हो गई है। इस कार्रवाई के बाद अन्य उचित मूल्य दुकानों के संचालकों में भी हड़कंप की स्थिति है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में केवल नोटिस तक सीमित रहता है या फिर जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई कर व्यवस्था में सुधार लाने के लिए कड़े कदम उठाए जाते हैं।