भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले RTI कार्यकर्ता ने मांगी इच्छामृत्यु
7 दिन में न्याय नहीं मिला तो प्राण त्यागने की चेतावनी, कलेक्टर को सौंपा पत्र
त्योंथर/रीवा। ग्राम पंचायत घूमा में कथित भ्रष्टाचार और लगातार मिल रही धमकियों से त्रस्त एक RTI कार्यकर्ता ने कलेक्टर को पत्र सौंपकर इच्छामृत्यु की मांग की है। कार्यकर्ता ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि सात दिनों के भीतर उसे न्याय और सुरक्षा नहीं मिली तो वह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होगा।
पीड़ित ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि पंचायत में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारी मांगने और शिकायतें करने के बाद उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं। उसने ग्राम पंचायत के कुछ प्रभावशाली लोगों पर दबाव बनाने और भय का माहौल खड़ा करने का आरोप लगाया है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उसे जान से मारने, सड़क दुर्घटना का रूप देकर नुकसान पहुंचाने तथा झूठे मामलों में फंसाने जैसी धमकियां मिल रही हैं। कार्यकर्ता के अनुसार, इन परिस्थितियों के कारण उसका और उसके परिवार का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।
पीड़ित ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि उसने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। केवल नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्या जस की तस बनी हुई है।
निराश होकर उसने कलेक्टर को पत्र सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही कलेक्टर से ग्राम घूमा का दौरा कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने का आग्रह भी किया है।
यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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