विदिशा। मध्य प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप, विदिशा जिले के नटेरन जनपद पंचायत और शमशाबाद निकाय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'मुख्यमंत्री जन कल्याण शिविर' का तीसरा दिन अत्यंत सफल और उत्साहजनक रहा। नागरिकों की समस्याओं के तत्काल निराकरण के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर ने प्रशासनिक सुगमता और जन-संवाद का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

शिविर की प्रशासनिक सक्रियता और पहुंच

नटेरन जनपद पंचायत के सभागार परिसर में आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों के स्टाल स्थापित किए गए थे, जहाँ आमजन ने अपनी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा।

  • आवेदनों का निराकरण: शिविर के दौरान कुल 380 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 230 समस्याओं का मौके पर ही संवेदनशीलता के साथ त्वरित निराकरण कर दिया गया।

  • शेष आवेदनों पर कार्यवाही: जो आवेदन मौके पर हल नहीं हो सके, उन्हें संबंधित विभागों को भेजकर एक निश्चित समय-सीमा के भीतर निराकरण के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

  • प्रशासनिक नेतृत्व: अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) अजय प्रताप सिंह पटेल ने पूरे समय शिविर में उपस्थित रहकर ग्रामीणों की शिकायतों को सहानुभूतिपूर्वक सुना और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।

समापन सत्र और सम्मान समारोह

शिविर के समापन सत्र में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। इसमें एसडीएम अजय प्रताप सिंह पटेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि यशपाल सिंह रघुवंशी, जनपद सदस्य अंशुज प्रसाद शर्मा, पूर्व उपाध्यक्ष निरंजन सिंह रघुवंशी, तथा नटेरन एवं शमशाबाद के तहसीलदार और नायब तहसीलदार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर 'एक बगिया मां के नाम' अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने के लिए पमारिया निवासी गिरजा मीणा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, कई पात्र हितग्राहियों को जाति प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।

शिविर की तीन प्रमुख सफलता की कहानियां

प्रशासनिक मुस्तैदी और विभागीय समन्वय के चलते शिविर में कई लोगों के लिए राहत के मार्ग प्रशस्त हुए, जिनमें से तीन मुख्य उदाहरण निम्नलिखित हैं:

  • आयुष्मान कार्ड का त्वरित निर्माण: बम्होरी निवासी श्रुति पाल पिछले काफी समय से आयुष्मान कार्ड के लिए परेशान थीं। शिविर में स्टाल पर तैनात राजकुमार और राहुल विश्वकर्मा ने एसडीएम के निर्देशन में कुछ ही मिनटों में कार्ड बनाकर उन्हें सौंप दिया। श्रुति ने इसे गरीबों के लिए वरदान बताते हुए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

  • शिक्षा और छात्रवृत्ति हेतु आधार सुधार: नटेरन के सांदीपन शासकीय स्कूल की 11वीं की छात्रा सिमरन कुशवाह के आधार कार्ड में गलत जन्मतिथि होने के कारण उनकी 'अपार आईडी' (APAAR ID) नहीं बन पा रही थी। आधार स्टाल पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत दस्तावेज सत्यापित कर आधार में जन्मतिथि संशोधित कर दी, जिससे उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

  • पशुपालन लोन की मौके पर स्वीकृति: डंगरवाड़ा निवासी प्रेमसिंह धाकड़ ने 'आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना' के तहत पशुपालन लोन के लिए आवेदन किया। पशुपालन विभाग और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) शमशाबाद के अधिकारियों ने मौके पर ही आवेदन मंजूर कर लोन स्वीकृति पत्र उन्हें सौंप दिया।

निष्कर्ष

यह शिविर न केवल ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक प्रभावी कदम रहा, बल्कि नागरिकों के लिए प्रशासनिक सेवाओं को उनके द्वार तक पहुँचाने का एक मील का पत्थर भी साबित हुआ है। समस्याओं का 'ऑन-द-स्पॉट' समाधान पाकर नागरिक अत्यंत संतुष्ट और खुश नजर आए।

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