मैहर। मध्य प्रदेश के नवनिर्मित मैहर जिले में जन-समस्याओं के त्वरित निराकरण और पात्र हितग्राहियों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एक वृहद अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले के अमरपाटन और रामनगर जनपद पंचायत क्षेत्रों में जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का उद्देश्य सुशासन को जमीनी स्तर पर लागू करना और आम नागरिकों की शिकायतों को प्राथमिकता के साथ हल करना रहा।
अमरपाटन जनपद पंचायत में शिविर का आयोजन
मैहर जिले के अमरपाटन विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत कठहा के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल प्रांगण में बुधवार को जनकल्याण शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में क्षेत्र के नागरिकों ने बड़ी संख्या में अपनी समस्याओं और योजनाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
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अध्यक्षता और उपस्थिति: कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह ने की। इस गरिमामयी अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल, जिला पंचायत सदस्य हरीशकांत त्रिपाठी, जनपद पंचायत अध्यक्ष माया विनीत पांडेय, जनपद उपाध्यक्ष मनोज पटेल और सीईओ वेदमणि मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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आवेदन और निराकरण: जनपद पंचायत अमरपाटन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) वेदमणि मिश्रा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शिविर में कुल 3028 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 3018 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया गया। शेष 10 आवेदनों के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि इनका निराकरण नियत समय-सीमा के भीतर कर दिया जाएगा।
रामनगर जनपद पंचायत की उपलब्धि
अमरपाटन की तर्ज पर ही जनपद पंचायत रामनगर की ग्राम पंचायत बडा इटमा में भी जनकल्याण शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया। यहाँ भी क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जन-संवाद स्थापित किया।
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प्रशासनिक तत्परता: रामनगर जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी भारती दीक्षित ने बताया कि इस शिविर के प्रति नागरिकों में भारी उत्साह देखा गया। शिविर के दौरान कुल 4247 आवेदन प्राप्त हुए।
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निराकरण का विवरण: प्रशासन की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्राप्त कुल आवेदनों में से 3842 आवेदनों का तत्काल मौके पर निराकरण किया गया। शेष 405 आवेदनों के निस्तारण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है, जिस पर प्रशासनिक कार्यवाही जारी है।
प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुशासन का संदेश
इन शिविरों की सबसे बड़ी विशेषता आम जनता और प्रशासन के बीच सीधा जुड़ाव रही है। इन शिविरों में न केवल पुरानी शिकायतों का निपटारा किया गया, बल्कि नई सरकारी योजनाओं के लिए पात्र हितग्राहियों से आवेदन भी स्वीकार किए गए। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने नागरिकों में यह विश्वास जगाया कि उनकी समस्याओं को शासन स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है।
शिविरों का महत्व और भविष्य की रणनीति
जनकल्याण शिविरों का यह आयोजन मैहर जिले के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
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समय की बचत: नागरिकों को तहसील या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़े, बल्कि समाधान उनके गांव के निकट ही उपलब्ध कराया गया।
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पारदर्शिता: आवेदनों का मौके पर निराकरण होने से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
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योजनाओं का क्रियान्वयन: जिन नागरिकों को अब तक शासकीय योजनाओं की जानकारी नहीं थी, उन्हें शिविरों के माध्यम से योजनाओं से जोड़ा गया है।
अगले पड़ाव की जानकारी
प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, जनकल्याण शिविरों का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। आगामी 18 जून को मैहर जिले के विकासखंड अमरपाटन के अंतर्गत ग्राम पंचायत मुकुन्दपुर में अगला जनकल्याण शिविर आयोजित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान और योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों में उपस्थित हों।
इन शिविरों का आयोजन स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। मैहर जिले के अमरपाटन और रामनगर में मिली यह सफलता अन्य विकासखंडों के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य करेगी।
image source : https://maihar.mpinfo.org

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