सतना। राज्य शासन के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में, सतना जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु विशेष 'जनकल्याण शिविर' आयोजित किए जा रहे हैं। 12 जून से प्रारंभ हुए इस तीन दिवसीय विशेष अभियान के छठवें दिन तक, प्रशासन ने जन-समस्याओं के निराकरण में उल्लेखनीय कार्य करते हुए एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाना और उनकी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करना है।
शिविरों का प्रदर्शन: एक नजर में
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इन छह दिनों के दौरान जिले भर से कुल 16,574 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों में से 16,504 आवेदनों का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया है, जबकि मात्र 70 प्रकरण वर्तमान में लंबित हैं, जिन पर संबंधित विभागीय अधिकारी निरंतर कार्यवाही कर रहे हैं।
क्षेत्रवार आवेदनों का विवरण
सतना जिले के विभिन्न विकासखंडों और नगर निकायों में शिविरों की स्थिति का विवरण निम्नलिखित है:
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सतना नगर निगम: यहाँ कुल 3,158 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3,150 का सफल निराकरण कर दिया गया है और केवल 8 आवेदन लंबित हैं।
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जनपद पंचायत सोहावल: कुल 2,483 आवेदनों में से 2,481 का निराकरण किया गया है।
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नागौद विकासखण्ड: यहाँ प्राप्त 1,650 आवेदनों का शत-प्रतिशत (1,650) निराकरण सुनिश्चित किया गया है।
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जनपद पंचायत उचेहरा: यहाँ 1,614 आवेदनों में से 1,611 का निपटारा किया गया है।
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मझगवां: इस क्षेत्र में 2,847 आवेदन प्राप्त हुए और उन सभी 2,847 आवेदनों का पूर्ण निराकरण कर दिया गया है।
नगर परिषदों में निराकरण की स्थिति
नगर परिषदों में भी शिविरों को लेकर नागरिकों में उत्साह देखा गया और प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही की गई:
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कोठी नगर परिषद: यहाँ 1,272 में से 1,252 आवेदनों का निराकरण किया गया।
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रामपुर बघेलान: यहाँ 990 में से 989 आवेदनों का निराकरण हुआ।
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नागौद नगर परिषद: यहाँ 172 में से 141 आवेदनों का निराकरण किया गया।
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बिरसिंहपुर: यहाँ प्राप्त 266 आवेदनों का शत-प्रतिशत (266) निराकरण हुआ।
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कोटर: यहाँ 85 में से 85 आवेदनों का पूर्ण निराकरण कर दिया गया।
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उचेहरा नगर परिषद: यहाँ 1,487 में से 1,481 आवेदनों का निराकरण किया गया।
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जैतवारा: यहाँ 314 में से 314 आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण किया गया है।
प्रशासनिक प्रतिबद्धता
इन शिविरों की सफलता यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन सतना आम नागरिकों की समस्याओं के प्रति कितना गंभीर है। जिन 70 प्रकरणों को लंबित बताया गया है, उनके लिए भी अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। जन-प्रतिनिधियों और विभागीय अमले की सक्रिय भागीदारी ने इन शिविरों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नागरिकों को अब सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है, बल्कि उन्हें उनके क्षेत्र में ही समाधान प्राप्त हो रहा है।
यह अभियान न केवल समस्याओं को हल करने का माध्यम बना है, बल्कि राज्य शासन की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक ले जाने का एक सशक्त साधन भी सिद्ध हुआ है। आने वाले समय में भी प्रशासन इस प्रकार के शिविरों के माध्यम से सुशासन की प्रक्रिया को निरंतर जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
image source : gemini ai
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