80% दिव्यांग विवेक का सपना साकार: वर्षों बाद मिली ट्राई साइकिल

सामाजिक कार्यकर्ता की पहल और प्रशासन की तत्परता से मिला बड़ा सहारा

रीवा। 80 प्रतिशत दिव्यांगता के साथ जीवन जी रहे विवेक सूर्यकांत मिश्रा को आखिरकार वर्षों की प्रतीक्षा के बाद ट्राई साइकिल मिल गई। आर्थिक रूप से कमजोर विवेक स्वयं इसे खरीद पाने में असमर्थ थे। परंतु सामाजिक जिम्मेदारी के तहत एक पहल ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी।

विवेक सूर्यकांत मिश्रा, ग्राम पंचायत बांस के निवासी, अपनी कठिनाई भरी स्थिति में थे जब स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र तिवारी ने उनकी मदद का बीड़ा उठाया। बातचीत के दौरान विवेक ने ट्राई साइकिल की अपनी इच्छा जाहिर की। इसके बाद देवेंद्र तिवारी ने इस मामले को समग्र सुरक्षा विस्तार अधिकारी (दिव्यांग प्रभारी) अरविंद तिवारी के समक्ष प्रस्तुत किया।

समग्र सुरक्षा विस्तार अधिकारी अरविंद तिवारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विवेक की सहायता का आश्वासन दिया। आवश्यक प्रक्रिया को त्वरित रूप से पूरा कर विवेक को ट्राई साइकिल प्रदान की गई। ट्राई साइकिल पाकर विवेक और उनके परिवार की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।

अरविंद तिवारी ने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर जरूरतमंद दिव्यांगजनों की समस्याओं का समाधान किया जाता है। शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास जारी है।

सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र तिवारी ने कहा कि अधिकारियों तक जरूरतमंद दिव्यांग भाई की समस्या पहुंचाने के बाद जिस तत्परता से कार्रवाई की गई, वह प्रशंसनीय है। यह प्रशासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है।

इस पहल ने न केवल एक दिव्यांग की जिंदगी को सरल बनाया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि समाज और प्रशासन मिलकर काम करें तो जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना संभव है।