आमला। कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर रविवार, 26 जुलाई 2026 को पूर्व सैनिक संगठन इकाई आमला द्वारा कारगिल युद्ध के अमर शहीदों की स्मृति में भव्य श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से वर्ष 1999 में कारगिल की दुर्गम चोटियों पर अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देकर भारत माता की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों के साथ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं नगरवासी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्री नितिन गाडरे होंगे। वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्रीमती कामिनी ठाकुर, तहसीलदार श्रीमती रिचा कौरव, बीएमओ डॉ. राकेश बचले, थाना प्रभारी श्री मुकेश ठाकुर, सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश खैरवाल, प्रगतिशील व्यापारी संघ के श्री अनिल सोनी, व्यापारी संघ के श्री संजय साहू, महावीर गौशाला के श्री देवेन्द्र राजपूत, जन सेवा समिति के श्री राहुल धेंडे, जय सेवा समिति के श्री अशोक धुर्वे तथा पूर्व सैनिक संगठन इकाई आमला के संरक्षक नायक श्री शिवकांत नरवरे उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम का पहला चरण शाम 5:30 बजे सिविल अस्पताल के सामने स्थित अंबेडकर पार्क के शहीद स्मारक पर आयोजित होगा। यहां शहीदों के चित्र एवं स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा भारत माता के वीर सपूतों के अद्वितीय शौर्य और बलिदान को नमन किया जाएगा।
इसके पश्चात सभी अतिथि, पूर्व सैनिक एवं नागरिक देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत परेड के रूप में अंबेडकर पार्क से मेन रोड, तहसील मार्ग होते हुए इतवारी चौक स्थित शहीद स्मारक तक पहुंचेंगे। परेड के दौरान भारत माता और अमर शहीदों के जयघोष के साथ वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। कार्यक्रम का दूसरा चरण शाम 6:30 बजे इतवारी चौक स्थित शहीद स्मारक पर संपन्न होगा, जहां पुष्पांजलि अर्पित कर कारगिल के रणबांकुरों के शौर्य और बलिदान को याद किया जाएगा।
पूर्व सैनिक संगठन इकाई आमला ने नगर के सभी नागरिकों, युवाओं, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कारगिल के अमर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य विजय नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति, त्याग और समर्पण का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।
*उल्लेखनीय है कि 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' को सफल बनाते हुए कारगिल की बर्फीली चोटियों से दुश्मनों को खदेड़कर तिरंगा फहराया था। इस ऐतिहासिक विजय में भारत के अनेक वीर सैनिकों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके इसी अद्वितीय साहस और शौर्य की स्मृति में प्रतिवर्ष 26 जुलाई को पूरे देश में 'कारगिल विजय दिवस' श्रद्धा, गर्व और सम्मान के साथ मनाया जाता है।*
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