मध्य प्रदेश में किसानों के लिए नई पहल: नकली खाद के खिलाफ सरकार का बड़ा कदम
अशोकनगर: मध्य प्रदेश सरकार ने कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और किसानों को असली व गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने पूरे प्रदेश में सूचना दाता प्रोत्साहन योजना लागू की है।
इस योजना के अंतर्गत, उर्वरक (खाद) के अवैध विक्रय, भंडारण, कालाबाजारी, और नकली या मिलावटी खाद बनाने वालों की सही सूचना देने वाले नागरिकों को 1,000 रुपए की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
सूचना देने वालों की पहचान रहेगी सुरक्षित
शासन ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। बिना उसकी अनुमति के किसी भी स्तर पर नाम उजागर नहीं किया जाएगा।
योजना के मुख्य लक्ष्य
उप संचालक कृषि अमित भदौरिया ने बताया कि योजना के तीन मुख्य लक्ष्य हैं:
- खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना।
इन 6 अवैध गतिविधियों की शिकायत पर मिलेगा इनाम:
- बिना लाइसेंस अथवा बिना वैध लाइसेंस के अवैध उर्वरक का विक्रय या निर्माण।
- अवैध भंडारण और निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में खाद को छुपा कर रखना।
- तय कीमतों से अधिक ऊंचे दामों पर खाद बेचना।
- नकली, अमानक या मिलावटी उर्वरकों का निर्माण एवं बिक्री।
- सरकारी अनुदान वाले उर्वरकों का अवैध उपयोग।
- बिना परमिशन या अनाधिकृत रूप से उर्वरकों का परिवहन।
शिकायत कैसे दर्ज करें?
- हेल्पलाइन पर कॉल करें: कोई भी नागरिक सीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 155253 पर कॉल करके गोपनीय सूचना दे सकता है।
- आवश्यक जानकारी दें: सूचना देते समय अवैध गतिविधि का स्थान, समय, और संबंधित व्यक्ति या संस्था का नाम बताना होगा। यदि संभव हो, तो साक्ष्य के रूप में फोटो, वीडियो या दस्तावेज भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
- त्वरित एक्शन: हेल्पलाइन पर प्राप्त जानकारी सीधे संबंधित जिले के कलेक्टर के पास जाएगी। कलेक्टर तत्काल जांच दल गठित कर त्वरित कार्रवाई करेंगे।
- इनाम आपके खाते में: यदि जांच में सूचना सही पाई जाती है और अवैध सामग्री की जब्ती या दोष सिद्धि होती है, तो 1,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि सीधे सूचनादाता के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
यह पहल न केवल किसानों को फायदा पहुंचाएगी, बल्कि कृषि व्यवस्था में सुधार लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगी।

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