मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार, 13 जून 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश के सभी संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई और भविष्य की कार्ययोजनाओं को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य रूप से समान नागरिक संहिता (UCC), ज्ञान भारतम् मिशन, जल गंगा संवर्धन अभियान और आगामी नीट (NEET) परीक्षा की तैयारियों पर जोर दिया गया।

समान नागरिक संहिता के प्रति जागरूकता

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) के विषय को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि इसके प्रावधानों और उद्देश्यों की जानकारी जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री का मानना है कि नागरिक यदि इसके महत्व को गहराई से समझेंगे, तो वे बेहतर रूप से जागरूक हो पाएंगे।

उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाएं। जिला स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाए, ताकि यह जानकारी समाज के अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक सरलता से पहुंच सके। यह कदम प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता और नागरिकों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

ज्ञान भारतम् मिशन का विस्तार

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए 'ज्ञान भारतम्' मिशन की सराहना की और इसकी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत एक विशेष ऐप विकसित किया गया है। इस ऐप का प्राथमिक उद्देश्य देश की खोई हुई या छिपी हुई पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में संरक्षित करना है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे लोगों को प्रोत्साहित करें कि यदि उनके पास कोई पुरानी साहित्यिक, ऐतिहासिक अथवा धार्मिक पांडुलिपि उपलब्ध है, तो वे इसकी जानकारी ऐप पर अपलोड करें। यह प्रयास हमारी गौरवशाली ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। जिला प्रशासन को इस मिशन के व्यापक प्रचार के निर्देश दिए गए हैं ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें।

जल गंगा संवर्धन अभियान पर जोर

प्रदेश की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक 'जल गंगा संवर्धन अभियान' पर चर्चा करते हुए डॉ. यादव ने संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही तेजी लाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सभी कलेक्टरों को स्पष्ट किया कि अभियान के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में 30 जून तक पूर्ण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने जल स्रोतों के संरक्षण और उनके पुनर्जीवन को लेकर कहा कि यह केवल सरकारी कार्य नहीं है, बल्कि इसे जनभागीदारी का अभियान बनाना होगा। पानी की उपलब्धता और जल स्रोतों का कायाकल्प प्रदेश के भविष्य के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कार्यों में प्राथमिकता बरतने और किसी भी स्तर पर ढिलाई न करने की हिदायत दी।

नीट (NEET) परीक्षा की तैयारियां

आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने विशेष संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम को देखते हुए परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर निम्नलिखित व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएं:

  • शुद्ध पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता।

  • छात्रों के लिए उचित बैठने की आरामदायक व्यवस्था।

  • परिसर में स्वच्छता का विशेष ध्यान।

  • परीक्षा केंद्रों तक सुगम आवागमन और अन्य मूलभूत सुविधाएं।

उन्होंने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि छात्रों का पूरा ध्यान केवल परीक्षा पर हो और उन्हें बाहर की अव्यवस्थाओं से जूझना न पड़े।

बालाघाट में समीक्षा बैठक का आयोजन

बालाघाट जिला मुख्यालय में आयोजित इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिले के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर श्री मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे एवं श्री डीपी बर्मन ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के आलोक में, बालाघाट प्रशासन ने जिले में विभिन्न योजनाओं और अभियानों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विस्तृत रणनीति पर चर्चा की। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए सभी लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जाएगा।

यह बैठक न केवल सरकारी योजनाओं की प्रगति मापने का जरिया थी, बल्कि स्थानीय प्रशासन को जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने के लिए एक प्रेरणा और दिशा भी प्रदान करने वाली साबित हुई।

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