बालाघाट जिले में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्योद्योग से जुड़ी शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा के लिए बुधवार, 22 जुलाई 2026 को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस संयुक्त बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम छोर के किसानों, पशुपालकों और मत्स्य पालकों तक समय-सीमा में पहुँचना चाहिए, जिसके लिए मैदानी स्तर पर प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाई जाए।

कृषि विभाग की समीक्षा और प्राकृतिक खेती पर जोर

बैठक के दौरान कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन के रूप में बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

  • प्राकृतिक खेती का पंजीयन: उप संचालक कृषि को निर्देशित किया गया कि अधिक से अधिक किसानों का प्राकृतिक खेती के लिए पंजीयन कराया जाए। इसके पश्चात सत्यापन और अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी कर सभी प्रकरणों को समयबद्ध रूप से पोर्टल पर दर्ज किया जाए।

  • उर्वरकों का नियमन: कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों द्वारा ई-टोकन के जरिए प्राप्त किए जाने वाले उर्वरकों का नियमित सत्यापन हो। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि खाद और उर्वरक का उपयोग केवल कृषि कार्यों के लिए हो तथा किसी भी प्रकार का व्यावसायिक दुरुपयोग न होने पाए।

  • बुआई और फसल बीमा: खरीफ सीजन में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सभी फसलों की बुआई समय-सीमा में पूर्ण कराने को कहा गया। साथ ही, किसानों को फसल सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए 31 जुलाई तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिकतम किसानों का बीमा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • कर्मचारियों की उपस्थिति: कलेक्टर ने कृषि विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 'सार्थक ऐप' के माध्यम से अपनी नियमित उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य किया तथा स्पष्ट किया कि इसी उपस्थिति के आधार पर ही वेतन आहरण किया जाएगा।

उद्यानिकी विभाग और पीएमएफएमई योजना का क्रियान्वयन

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान सहायक संचालक उद्यान को 'वन ड्रॉप मोर क्रॉप' (प्रति बूँद अधिक फसल) योजना तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत तय किए गए लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

  • ऋण वितरण में तेजी: पीएमएफएमई योजना के तहत बैंकों को भेजे गए ऋण प्रकरणों में जल्द से जल्द राशि का वितरण सुनिश्चित कराया जाए, ताकि हितग्राही समय पर अपने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित कर सकें।

  • क्षेत्र विस्तार: जिले में फल, सब्जियों और अन्य उद्यानिकी फसलों के कुल रकबे में वृद्धि करने के लिए एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी प्रदान किए गए।

पशुपालन विभाग: दुग्ध उत्पादन और केसीसी का विस्तार

पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री मीना ने जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों के प्रयोग पर विशेष बल दिया।

  • कृत्रिम गर्भाधान: अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि 'सेक्स-सॉर्टेड सीमेन' तकनीक के माध्यम से अधिक से अधिक मादा पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराया जाए, जिससे उच्च नस्ल के दुग्ध उत्पादक पशुओं का विकास हो सके।

  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): अधिक से अधिक पशुपालकों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाएं ताकि उन्हें वित्तीय सहायता मिल सके। इसके साथ ही, कामधेनु योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के नए प्रकरण तैयार कर उन्हें बैंकों के माध्यम से शीघ्र ऋण उपलब्ध कराया जाए।

मत्स्योद्योग विभाग: केज कल्चर और बायोफ्लॉक को बढ़ावा

मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से कलेक्टर ने मत्स्योद्योग विभाग की समीक्षा की। उन्होंने सहायक संचालक मत्स्योद्योग को निर्देशित किया कि जिले के बड़े जलाशयों में अधिक संख्या में 'केज कल्चर' (Cage Culture) और 'बायोफ्लॉक' इकाइयों की स्थापना की जाए। इन आधुनिक तकनीकों से अधिक से अधिक मत्स्य पालकों को जोड़ा जाए, जिससे उनकी व्यक्तिगत आय में वृद्धि हो सके और जिले में कुल मत्स्य उत्पादन का स्तर भी ऊंचे पायदान पर पहुँच सके।

निष्कर्ष और प्रशासनिक प्राथमिकताएं

बैठक के समापन पर कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने सभी विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि शासन की हर योजना का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुँचाना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध कार्रवाई और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया ताकि निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जा सके और बालाघाट जिले का अन्नदाता एवं पशुपालक आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बन सके।

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