बालाघाट (खैरलांजी): भारत सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के प्रति आमजन को जागरूक करने और उन्हें सौर ऊर्जा के लाभों से परिचित कराने के उद्देश्य से बालाघाट जिले के खैरलांजी स्थित अंबेडकर भवन में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, किसानों और नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वारासिवनी के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्तिकेय जायसवाल ने की।
यह आयोजन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि कैसे स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा का उपयोग करके आम परिवारों के बिजली बिलों में कटौती की जा सके और पर्यावरण संरक्षण के लिए स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जा सके।
योजना का उद्देश्य और महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीएम श्री कार्तिकेय जायसवाल ने योजना के दूरगामी परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना केवल बिजली बिल कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हर परिवार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा भविष्य की आवश्यकता है और यदि हम आज इसे अपनाते हैं, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरित ऊर्जा विकल्प होगा।
एसडीएम ने उपस्थित नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस योजना को न केवल स्वयं अपनाएं, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता प्रत्येक पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
योजना की बारीकियां और तकनीकी जानकारी
शिविर के दौरान संभागीय कार्यालय वारासिवनी के कार्यपालन अभियंता श्री बाबूलाल भैना ने योजना के तकनीकी और आर्थिक पहलुओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं:
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पात्रता और आवेदन: योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद सरल है, जिसके लिए विभाग द्वारा हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
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अनुदान (सब्सिडी): केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के बारे में उन्होंने विस्तार से बताया, जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ न्यूनतम हो जाता है।
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बिजली खर्च में कमी: सोलर पैनल लगाने से होने वाली बिजली की बचत और लंबी अवधि में इसके आर्थिक फायदों का विवरण दिया गया।
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पंजीयन प्रक्रिया: इच्छुक हितग्राहियों को पोर्टल पर पंजीयन करने के चरणों की जानकारी दी गई, ताकि वे योजना का लाभ लेने के लिए अपना आवेदन जमा कर सकें।
ग्रामीणों और किसानों में उत्साह
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों और विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने सौर ऊर्जा के प्रति काफी रुचि दिखाई। किसानों ने खेती में उपयोग होने वाले सिंचाई पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की संभावनाओं पर भी अधिकारियों से चर्चा की। कार्यपालन अभियंता श्री भैना ने सभी की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए बताया कि कैसे सोलर पैनल के माध्यम से न केवल घर की बिजली की आवश्यकता पूरी होगी, बल्कि सरप्लस बिजली का उपयोग अन्य कार्यों में भी किया जा सकता है।
इस अवसर पर वारासिवनी के सहायक अभियंता राहुल तुरकर और खैरलांजी के कनिष्ठ अभियंता प्रमोद लिल्हारे ने भी योजना के प्रचार-प्रसार के लिए जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजना की सटीक जानकारी पहुंचाना है।
जन-सहभागिता का संकल्प
खैरलांजी में आयोजित इस शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार, अनुविभागीय कृषि अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि बालाघाट जिले के अधिक से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से रोशन करने के लिए व्यापक जन-अभियान चलाया जाएगा।
प्रशासन द्वारा जोर दिया गया कि इस योजना के माध्यम से पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोतों को अपनाकर हम ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने में भी योगदान दे सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को योजना के प्रचार-प्रसार में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया गया। यह शिविर निश्चित रूप से खैरलांजी क्षेत्र में ऊर्जा के प्रति एक नई जागरूकता का संचार करेगा और अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा के लाभ प्राप्त करने में मदद करेगा।
image source : https://balaghat.mpinfo.org
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